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वित्त मंत्री सीतारमण ने मुंबई में जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमोन से की मुलाकात, भारत में निवेश अवसरों और आर्थिक संभावनाओं पर की चर्चा

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मुंबई, 21 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को मुंबई में आयोजित जेपीमॉर्गन इंडिया इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस के 11वें संस्करण के दौरान जेपीमॉर्गन चेस एंड कंपनी के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जेमी डिमोन से मुलाकात की।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन के इतर जेमी डिमोन ने वित्त मंत्री के साथ बातचीत की। इस सम्मेलन में निवेशकों, नीति निर्माताओं और कॉर्पोरेट जगत के नेताओं ने भारत की आर्थिक संभावनाओं और निवेश अवसरों पर विचार-विमर्श किया।

वित्त मंत्री ने सम्मेलन को संबोधित भी किया और जेपीमॉर्गन के एशिया इकोनॉमिक्स प्रमुख सज्जिद चिनॉय के साथ एक विशेष संवाद सत्र (फायरसाइड चैट) में भाग लिया।

निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि जेमी डिमोन ने मुंबई में आयोजित जेपीमॉर्गन इंडिया इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे मुलाकात की।

उन्होंने यह भी बताया कि सम्मेलन में उन्होंने उपस्थित निवेशकों और प्रतिनिधियों को संबोधित किया तथा सज्जिद चिनॉय के साथ भारत की अर्थव्यवस्था और निवेश परिदृश्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के चेयरमैन और सीईओ जेमी डिमोन ने मुंबई, महाराष्ट्र में जेपी मॉर्गन इंडिया इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री सीतारमण से बातचीत की।”

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब हाल ही में जारी जेपीमॉर्गन की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि कर सुधारों और नियामकीय उपायों के संयोजन ने भारतीय इक्विटी बाजार को घरेलू निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाया है।

रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स, डेट म्यूचुअल फंड्स और कुछ बीमा उत्पादों से जुड़े कर ढांचे में हुए बदलावों ने शेयर बाजार में निवेश की सापेक्षिक आकर्षण क्षमता बढ़ाई है।

जेपीमॉर्गन का मानना है कि इन सुधारों के साथ-साथ सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए बढ़ती भागीदारी ने घरेलू बचत को वित्तीय परिसंपत्तियों की ओर मोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के वर्षों में घरेलू निवेशक भारतीय बाजारों के लिए एक स्थिरता प्रदान करने वाली ताकत बनकर उभरे हैं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं से पैदा होने वाली अस्थिरता के बावजूद उन्होंने बाजार को सहारा दिया है।

जेपीमॉर्गन के अनुसार, बेंचमार्क सूचकांकों से अपेक्षाकृत सीमित रिटर्न मिलने के बावजूद खुदरा निवेशकों की भागीदारी मजबूत बनी हुई है, जो भारत में निवेश व्यवहार में एक संरचनात्मक बदलाव का संकेत देती है।