कोच्चि, 11 जून (आईएएनएस)। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन की बेटी वीना थाइकंडी, मिनरल कंपनी ‘मंथली पेमेंट’ (मासाप्पाडी) मामले में पूछताछ के लिए शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश नहीं होंगी। वीना ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए एक ईमेल के जरिए केंद्रीय एजेंसी को बताया कि वह तय समय पर पेश नहीं हो पाएंगी। उन्होंने पूछताछ के लिए दूसरी तारीख मांगी।
मासाप्पाडी मामला केरल की राजनीति में चर्चित विवाद है, जो सीएमआरएल और वीना विजयन की कंपनी एक्सलॉजिक सोल्यूशंस के बीच वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। ‘मासाप्पाडी” मलयालम शब्द है, जिसे हिंदी में “मासिक भुगतान” कहते हैं। यह मामला राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील है। विपक्ष का आरोप है कि वीना विजयन की कंपनी को बिना किसी वास्तविक सेवा के नियमित मासिक भुगतान किए गए।
यह मामला वर्तमान में ईडी की जांच के दायरे में है। वीना ने ईडी को यह भी भरोसा दिलाया कि वह एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि उनके वकील कोच्चि ऑफिस में पेश होंगे और उनकी तरफ से जरूरी रिकॉर्ड जमा करेंगे। ईडी उन्हें दूसरी तारीख देने के लिए सहमत हो गई है, लेकिन उम्मीद है कि वह नया समन जारी करेगी।
एजेंसी का यह कदम जांच के एक अहम पड़ाव पर उठाया गया है, जिसमें अधिकारी वीना की आईटी फर्म ‘एक्सलॉजिक’ और ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (सीएमआरएल) के बीच हुए वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं।
ईडी की जांच ‘सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस’ (एसएफआईओ) की उन जानकारियों पर आधारित है, जिनमें सीएमआरएल द्वारा संदिग्ध खर्च मदों के तहत किए गए भुगतानों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं का पता चला था।
एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन लेन-देन में मनी लॉन्ड्रिंग शामिल थी।
जांच के अनुसार, वीना को 2016 और 2021 के बीच सीएमआरएल से 2.78 करोड़ रुपए मिले, इसके अलावा ‘एम्पावर इंडिया कैपिटल’ से 50 लाख रुपए का लोन भी मिला।
ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये भुगतान असली सेवाओं, सही इनवॉइस और टैक्स रिकॉर्ड के आधार पर किए गए थे।
इस घटनाक्रम ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है और विपक्ष के नेता का परिवार भी जांच के दायरे में आ गया है।
सूत्रों का कहना है कि वीना का और समय मांगने का फैसला इस चरण में एजेंसी के सामने पेश होने के संभावित नतीजों पर कानूनी सलाह-मशविरे के बाद लिया गया।
इससे पहले ईडी द्वारा कई जगहों पर की गई छापेमारी के बाद 242 खातों में 18 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि फ्रीज कर दी गई थी।
जांचकर्ताओं ने धनलक्ष्मी बैंक और एचडीएफसी बैंक में वीना से जुड़े बताए जा रहे तीन खातों की भी जांच की।
सीएमआरएल के मैनेजिंग डायरेक्टर एस.एन. कार्था, उनके परिवार के सदस्यों और कंपनी के अन्य प्रमुख अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
जांच के और गहरे चरण में पहुंचने के साथ ही, ‘मासाप्पाडी’ मामला सीपीआई(एम) नेतृत्व के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गया है। विपक्षी पार्टियां जवाब मांग रही हैं और विजयन पर दबाव बढ़ा रही हैं।
आने वाले दिन अहम होने की उम्मीद है क्योंकि ईडी अपनी अगली कार्रवाई तय करेगी।

