कोलकाता, 25 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के एक पूर्व विधायक को वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। उन पर पार्टी कार्यकर्ता से पार्टी पद दिलाने का वादा करके पैसे लेने का आरोप है।
पश्चिम मेदिनीपुर जिला पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिंगला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके अजीत मैती को शुक्रवार सुबह खड़गपुर थाने के मदपुर इलाके में उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें डेबरा थाने ले जाया गया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें दिन में मेदिनीपुर की जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहां सरकारी वकील पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की मांग कर सकते हैं।
पुलिस का कहना है कि अजीत मैती पर आरोप है कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता को पार्टी में पद दिलाने का झांसा देकर उससे पैसे लिए थे। यह गिरफ्तारी उसी कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर की गई है।
गिरफ्तारी के बाद अजीत मैती ने पत्रकारों से कहा कि वह राजनीतिक बदले की भावना का शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा, “मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है और मुझे यकीन है कि मुझे न्याय मिलेगा।”
तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने भी इस गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताया है। तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश सचिव प्रद्युत घोष ने कहा, “हमने सुना है कि उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें शुक्रवार को कोलकाता में हमारी पार्टी की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर जाकर उनसे मिलना था। इससे ठीक पहले उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह साजिश के अलावा कुछ नहीं है।”
अजीत मैती 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पिंगला से चुने गए थे। उन्होंने 2026 के चुनाव में भी उसी सीट से चुनाव लड़ा लेकिन भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार से हार गए। फिलहाल वह पश्चिम मेदिनीपुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष हैं।
बताया जा रहा है कि इस साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेताओं से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। कई पूर्व टीएमसी विधायक भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और अन्य अपराधों के आरोपों में गिरफ्तार हो चुके हैं।
भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से कोलकाता नगर निगम के कई पूर्व तृणमूल पार्षदों को भी विभिन्न मामलों में गिरफ्तार किया गया है। अजीत मैती की गिरफ्तारी के साथ आपराधिक मामलों का सामना कर रहे पूर्व टीएमसी नेताओं की सूची और लंबी हो गई है।
