गांधीनगर, 1 मई (आईएएनएस)। गुजरात स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य की विकास यात्रा को उसके गौरवशाली इतिहास और भविष्य की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं से जोड़ते हुए बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि गुजरात अब केवल एक औद्योगिक राज्य नहीं, बल्कि नई तकनीकों और उभरते सेक्टरों के जरिए ‘नए भारत’ का मार्गदर्शक बनने की ओर बढ़ रहा है।
सीएम पटेल ने देश और विदेश में बसे सभी गुजरातियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “गुजरात स्थापना दिवस पर सभी भाई-बहनों को हार्दिक बधाई।” उन्होंने राज्य के विकास में महान नेताओं और समाज सुधारकों के योगदान को भी याद किया।
सीएम पटेल ने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वामी दयानंद सरस्वती, श्यामजी कृष्ण वर्मा जैसे महापुरुषों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन से गुजरात ने विकास की राह पकड़ी। साथ ही पूज्य रविशंकर महाराज और इंदुचाचा समेत कई अन्य महान व्यक्तित्वों के योगदान को भी उन्होंने नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात स्थापना दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि अपनी पहचान, संस्कृति और समृद्धि पर गर्व करने का अवसर भी है। यह भूमि हमेशा दुनिया को शांति और प्रगति का रास्ता दिखाती रही है। हर गुजराती के प्रयासों से हमारा राज्य सेवा, सुरक्षा और सुशासन का प्रतीक बन गया है।
उन्होंने देश के विकास में गुजरात की अहम भूमिका पर भी जोर दिया। सीएम पटेल ने कहा, “आज जब भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तब इस मिट्टी के बेटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात देश के ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।”
भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर और अन्य आधुनिक तकनीकों को प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि गुजरात वैश्विक स्तर पर और चमके। ग्रीन एनर्जी से लेकर सेमीकंडक्टर तक, गुजरात नए भारत की दिशा तय करेगा।
सीएम पटेल ने राज्य के लोगों से विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा, “आइए हम सभी मिलकर ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व का प्रतीक बनाएं।”
वहीं, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी इस अवसर पर भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “गुजरात मेरा जन्मस्थान है, मेरी पहचान है और मेरा गर्व है। यह मेरी मातृभूमि है, जिसे मैं नमन करता हूं।” उन्होंने दुनिया भर में बसे गुजरातियों को शुभकामनाएं दीं।
राज्य स्तर पर इस दिन का मुख्य कार्यक्रम सूरत में आयोजित किया जाएगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आधिकारिक समारोहों के जरिए 1960 में भाषाई आधार पर बॉम्बे राज्य के विभाजन से बने गुजरात के गठन का जश्न मनाया जाएगा।

