नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने गुरुवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार जवाबदेही दिखाने में विफल रही है।
राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोगोई ने कहा कि कांग्रेस कथित नीट पेपर लीक और इस पूरे विवाद से निपटने के सरकार के तरीके को लेकर लगातार सवाल उठाती रहेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों और उनके परिवारों की चिंताओं का संतोषजनक जवाब देने में असफल रही है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही एक बुनियादी आवश्यकता है।
गोगोई ने कहा, “यदि सरकार जनता की वास्तविक चिंताओं का जवाब देने को तैयार नहीं है, तो उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि लोकतांत्रिक जवाबदेही के प्रति उसकी प्रतिबद्धता क्या है।”
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि नीट विवाद देश की परीक्षा और भर्ती प्रणाली से जुड़े व्यापक मुद्दों को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बार-बार उठ रहे सवालों ने इन्हें आयोजित करने वाली संस्थाओं पर जनता के भरोसे को कमजोर किया है।
उन्होंने कहा कि किसानों, अग्निवीरों, छात्राओं और परीक्षा संबंधी विवादों से प्रभावित अभ्यर्थियों समेत समाज के कई वर्ग आज भी विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इन समस्याओं पर सरकार को अधिक संवेदनशीलता और तत्परता दिखानी चाहिए।
भर्ती प्रक्रियाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए गोगोई ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभ्यर्थियों और अन्य हितधारकों द्वारा उठाए गए सवालों के समाधान में संस्थागत जवाबदेही की कमी रही है।
गोगोई ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों के भविष्य और रोजगार के अवसरों से जुड़े मामलों में सरकारों को नागरिकों के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए।
कांग्रेस की ओर से अपना रुख दोहराते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष परीक्षा की निष्पक्षता, भर्ती प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा। साथ ही केंद्र सरकार से छात्रों और आम जनता की चिंताओं का पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से समाधान करने की मांग की।

