जम्मू, 25 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में पुलिस ने सेना के कुछ जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि उन्होंने पुलिस स्टेशन पर हमला किया और पुलिसकर्मियों को गंभीर रूप से घायल किया। आरोपियों में एक कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कई सेना कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने किश्तवाड़ जिले के एक पुलिस स्टेशन में घुसकर पुलिसकर्मियों पर हमला किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
सेना की तरफ से कहा गया है कि मामले की जांच संबंधित संस्थागत प्रक्रिया के तहत की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब पुलिस ने एक सेना अधिकारी के निजी वाहन को यातायात नियमों के उल्लंघन के आरोप में रोककर जब्त कर लिया था।
एथोली पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि यह घटना बुधवार को हुई, जब थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमृत कोटाच एक बैठक में गए हुए थे।
शिकायत में कहा गया है कि उन्हें फोन पर सूचना मिली कि पुलिस स्टेशन के अंदर आपराधिक साजिश के तहत हमला किया गया है। यह हमला 17 आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स) के कमांडिंग ऑफिसर एन. अरुण गांधी के निर्देश पर हुआ बताया गया है।
करीब 30 से 40 जवानों ने 17 आरआर कैंप किजाये से आकर कथित रूप से पुलिस स्टेशन के मुख्य गेट और दीवारें फांदकर अंदर प्रवेश किया। उनके पास लाठी, लोहे की रॉड और अन्य हथियार थे।
एफआईआर के अनुसार, उनका मकसद पुलिसकर्मियों को गंभीर चोट पहुंचाना और हत्या करना था।
जब एसएचओ वापस पहुंचे तो उन पर भी हमला किया गया और एक मेजर विकाश शर्मा ने उन्हें कथित रूप से पीटा।
एफआईआर में कहा गया है कि सेना के जवानों ने एसएचओ की वर्दी भी फाड़ दी और एसडीपीओ विजय कुमार भगत पर भी हमला किया।
एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर सुरेश कुमार को सर्विस राइफल के बट से गर्दन पर मारा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अन्य पुलिसकर्मी भी इस हमले में घायल हुए।
एफआईआर में यह भी कहा गया है कि हमलावरों ने किश्तवाड़ के एआरटीओ और उनके सुरक्षा कर्मियों पर भी पुलिस स्टेशन के अंदर हमला किया।
एफआईआर में कहा गया है कि यह सभी कृत्य भारतीय न्याय संहिता के तहत कई गंभीर अपराधों के अंतर्गत आते हैं।

