नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड-ईपीएफ) योजना, 2026 को अधिसूचित (नोटिफाई) कर दिया है, जिसके तहत 29 जून से आंशिक निकासी से जुड़े नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सदस्य अब अपने ईपीएफ खाते से आंशिक निकासी तभी कर सकेंगे, जब उनके खाते में पात्र राशि (एलिजिबल मेंबर बैलेंस) का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित बचा रहेगा। यानी निकासी से पहले खाते में यह न्यूनतम राशि रखना अनिवार्य होगा। किसी भी निकासी की गणना इसी 25 प्रतिशत राशि को अलग रखने के बाद की जाएगी।
यह न्यूनतम शेष राशि कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के अंशदान पर लागू होगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी सदस्य के खाते में पात्र शेष राशि 1 लाख रुपए है, तो उसे 25,000 रुपए खाते में बनाए रखने होंगे और अधिकतम 75,000 रुपए तक की निकासी ही योजना के नियमों के अनुसार संभव होगी।
नई योजना में ‘एलिजिबल मेंबर बैलेंस’ की भी स्पष्ट परिभाषा दी गई है। इसके अनुसार, खाते में उपलब्ध कुल राशि में से अनिवार्य 25 प्रतिशत न्यूनतम शेष राशि घटाने के बाद बची रकम को ही पात्र शेष राशि माना जाएगा।
नई ईपीएफ स्कीम में उन परिस्थितियों का भी विस्तार किया गया है, जिनमें सदस्य अपने खाते से आंशिक निकासी कर सकते हैं।
अब सदस्य मकान या फ्लैट खरीदने, घर बनाने के लिए प्लॉट खरीदने, नया घर बनाने, होम लोन चुकाने तथा घर की मरम्मत या सुधार जैसे आवास संबंधी उद्देश्यों के लिए ईपीएफ से राशि निकाल सकेंगे।
इसके अलावा बीमारी, शिक्षा और विवाह जैसे खर्चों के लिए सदस्य अपने पात्र शेष राशि का 100 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत अब केवल 12 महीने की सेवा पूरी होने के बाद भी आंशिक निकासी की सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, विशेष परिस्थितियों में निकासी के लिए किसी अतिरिक्त स्पष्टीकरण की आवश्यकता नहीं होगी।
इस बीच, ईपीएफओ ने अपने सदस्यों के लिए एक नई डिजिटल सुविधा का परीक्षण भी पूरा कर लिया है, जिसके तहत कर्मचारी भविष्य निधि की राशि सीधे यूपीआई के माध्यम से बैंक खाते में प्राप्त कर सकेंगे।
यह पहल ईपीएफओ की उन योजनाओं का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य देश के 7 करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए सेवाओं को तेज, सरल और अधिक सुविधाजनक बनाना है।
ईपीएफओ अगले एक महीने के भीतर व्हाट्सएप आधारित सदस्य सेवाएं भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिससे सदस्यों तक सेवाओं की पहुंच और शिकायत निवारण व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।
इस सुविधा के तहत सदस्य ईपीएफओ के सत्यापित व्हाट्सएप नंबर पर “हेलो” मैसेज भेजकर बातचीत शुरू कर सकेंगे।
व्हाट्सएप के जरिए सदस्य अपने पीएफ अकाउंट का बैलेंस देख सकेंगे, पिछले पांच लेनदेन की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और अपने दावे (क्लेम) की स्थिति भी ट्रैक कर सकेंगे। यूजर्स की सुविधा के लिए यह सेवा विभिन्न भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराई जाएगी।

