गांधीनगर, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को नागरिकों को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए अधिक सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारे का आह्वान किया और लोगों से एकता और समावेशी विकास के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आग्रह किया।
दशहरा के नाम से भी जाने जाने वाले विजयदशमी के अवसर पर अपने संदेश में सीएम भूपेंद्र पटेल ने इस त्योहार को असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि यह अवसर बुराई पर दिव्य शक्तियों की विजय का प्रतीक है और लोगों को अपने भीतर व्याप्त नकारात्मकता और बुराइयों पर विजय प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आशा व्यक्त की कि यह त्योहार समाज में सद्भावना और आपसी सम्मान को मजबूत करेगा और लोगों के बीच प्रेम, भाईचारा और सामंजस्य का वातावरण बनाएगा। विजयदशमी नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव के समापन पर मनाई जाती है, जिसके दौरान भक्त दिव्य स्त्री शक्ति, शक्ति की पूजा करते हैं।
यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय से जुड़ा है और पूरे देश में इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। सीएम पटेल ने कहा कि यह अवसर लोगों को त्योहार द्वारा प्रतिपादित मूल्यों पर चिंतन करने और अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में नकारात्मक प्रवृत्तियों पर काबू पाने के लिए प्रेरित करेगा।
सीएम ने विजयदशमी के संदेश को ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत से भी जोड़ा और आशा व्यक्त की कि लोग एकता, सामाजिक सद्भाव और समाज के सभी वर्गों को शामिल करने वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे।
मुख्यमंत्री के संदेश में सद्भावना और आपसी सम्मान पर आधारित समाज के निर्माण में सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया गया, और कहा गया कि यह त्योहार सत्य और न्याय के महत्व की याद दिलाता है।
भारत भर में विजयदशमी विभिन्न तरीकों से मनाई जाती है, जिनमें रामायण के प्रसंगों का मंचन और रावण के पुतले का दहन शामिल है, जो बुराई की पराजय का प्रतीक है। कई क्षेत्रों में, यह दिन शस्त्रों की पूजा और नए कार्यों की शुरुआत से भी जुड़ा है।
सीएम पटेल ने इस शुभ अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि विजयदशमी भाईचारे के बंधन को मजबूत करेगी और लोगों को एक अधिक सामंजस्यपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण में सामूहिक रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
