Saturday, August 1, 2026
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गुजरात ने स्थानीय विकास में तेजी लाने के लिए तालुका प्लानिंग निकायों को एक ही समिति में मिलाया

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गांधीनगर, 1 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने तालुका-स्तर की दो अहम प्लानिंग बॉडीज को मिलाकर 18 सदस्यों वाली एक ‘यूनिफाइड तालुका प्लानिंग कमिटी’ (यूटीपीसी) बनाई है। इस कदम का मकसद विकेंद्रीकृत विकास प्लानिंग को आसान बनाना, प्रशासनिक देरी को कम करना और राज्य के ग्रामीण इलाकों में कल्याणकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लागू करने में बेहतर तालमेल बिठाना है।

शनिवार को घोषित यह फैसला अगस्त 2025 में सौंपी गई गुजरात प्रशासनिक सुधार आयोग (जीएआरसी) की चौथी रिपोर्ट की सिफारिशों पर आधारित है।

यह नई समिति, विकेंद्रीकृत जिला योजना कार्यक्रम के तहत मौजूदा तालुका योजना समिति और ‘आपणो तालुको-वाइब्रेंट तालुको’ (एटीवीटी) तालुका कार्यकारी योजना समितियों की जगह लेगी।

राज्य सरकार के अनुसार, आयोग ने पाया कि तालुका स्तर पर कई समितियां अलग-अलग विकेंद्रीकृत योजना कार्यक्रमों को संभाल रही थीं, जिनमें तालुका योजना समिति,एटीवीटी कार्यकारी योजना समिति और तालुका पंचायत योजना समिति शामिल थी।

आयोग ने देखा कि जिम्मेदारियों के ओवरलैप होने से काम का दोहराव होता था, प्रशासनिक प्रक्रियाएं लंबी हो जाती थीं और कई बार एक ही सदस्य कई समितियों में शामिल होकर बार-बार चर्चा करते थे, जिससे फैसले लेने और विकास परियोजनाओं को लागू करने में देरी होती थी।

इन समस्याओं को दूर करने के लिए, जीएआरसी ने सभी विकेंद्रीकृत योजना कार्यक्रमों से जुड़े फैसलों की देखरेख के लिए तालुका स्तर पर एक ही एकीकृत संस्था बनाने की सिफारिश की।

नई व्यवस्था के तहत, हर तालुका में एक ‘एकीकृत तालुका योजना समिति’ (यूटीपीसी) होगी। यह समिति स्थानीय विकास प्राथमिकताओं की पहचान करने, विकेंद्रीकृत जिला योजना कार्यक्रम के तहत एकीकृत योजनाएं तैयार करने और विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के लिए जिम्मेदार होगी।

अधिकारियों ने कहा कि इस एकीकृत ढांचे से विभागों के बीच तालमेल बेहतर होने, प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होने और कल्याणकारी योजनाओं व विकास परियोजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पीने का पानी, सड़कें, कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में योजना बनाने की प्रक्रिया मजबूत होगी, क्योंकि विकास योजनाओं को स्थानीय जरूरतों के साथ बेहतर ढंग से जोड़ा जा सकेगा। यूटीपीसी में 18 सदस्य होंगे।

तालुका पंचायत के अध्यक्ष इसके चेयरपर्सन होंगे, जबकि सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) सह-अध्यक्ष और तालुका विकास अधिकारी (टीडीओ) सदस्य सचिव के तौर पर काम करेंगे।

समिति में उस क्षेत्र के सांसद, विधायक, जिला पंचायत सदस्य और सामाजिक न्याय समिति के अध्यक्ष भी शामिल होंगे।

स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, सड़क और भवन, तथा कृषि विभागों के अधिकारी भी इसके सदस्य होंगे।

सरकार ने यह भी कहा कि एकीकृत तालुका योजना समिति से विकास योजनाओं को लागू करने में पारदर्शिता, निगरानी और जवाबदेही मजबूत होने की उम्मीद है, साथ ही तालुका स्तर पर तेजी से फैसले लिए जा सकेंगे।