नालंदा, 1 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। सरकार के इस फैसले का जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने स्वागत करते हुए कहा कि यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बेहतर खेती के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कौशलेंद्र कुमार ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पहले से ही किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना रही है और अब इसे 2031 तक जारी रखने का फैसला किसानों के हित में है। उन्होंने कहा कि इस योजना से किसानों को आर्थिक संबल मिलता है और उनमें बेहतर खेती करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी पैदा होती है। उनके मुताबिक, जब एक किसान अच्छी खेती कर आगे बढ़ता है तो दूसरे किसान भी बेहतर उत्पादन के लिए प्रेरित होते हैं।
उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि केवल आर्थिक सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि यह किसानों को आधुनिक और उन्नत खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित करती है। यदि किसान बेहतर उत्पादन करेंगे तो उनकी आमदनी भी बढ़ेगी और इसका सीधा लाभ देश की कृषि व्यवस्था को मिलेगा। खासकर बिहार समेत पूरे देश के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में यह योजना मददगार साबित होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार आगे भी किसानों के हित में इसी तरह के फैसले लेती रहेगी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के भगवा कपड़े पहनकर प्रदर्शन करने पर कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को छोड़कर इस तरह के प्रदर्शन उचित नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि संसद देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था है, जहां किसानों, सूखे, बाढ़, रोजगार और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। संसद का उद्देश्य जनहित के विषयों को उठाना है, न कि ऐसे विवादों को राजनीतिक रंग देना।
कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि संसद में सभी सांसदों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता से करना चाहिए। यदि किसी ने सदन की गरिमा या धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है। यदि कोई जनप्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम नहीं करता या केवल विवादों के जरिए राजनीति करता है, तो जनता समय आने पर उसका जवाब भी देती है।

