Thursday, May 28, 2026
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गुजरात सरकार ने खेत की बाड़बंदी पर सब्सिडी बढ़ाकर 300 रुपए प्रति मीटर की

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गांधीनगर, 27 मई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने मानसून से पहले आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से फसलों की रक्षा करने में अधिक किसानों की मदद करने के उद्देश्य से, खेत की बाड़बंदी योजना के तहत वित्तीय सहायता बढ़ा दी है और पात्रता के लिए न्यूनतम भूमि की आवश्यकता को कम कर दिया है।

ये निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए।

राज्य के कृषि मंत्री और सरकारी प्रवक्ता जीतू वाघानी ने बताया कि कांटेदार तार की बाड़बंदी योजना के तहत सहायता राशि 200 रुपए प्रति मीटर से बढ़ाकर 300 रुपए प्रति मीटर कर दी गई है।

किसानों को अब 300 रुपए प्रति मीटर या वास्तविक खर्च का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, सहायता राशि प्राप्त होगी।

संशोधन का कारण बताते हुए वाघानी ने कहा कि वर्तमान में, सामग्री और श्रम लागत के बाजार मूल्यों में वृद्धि के कारण, औसत खर्च बढ़ गया है। इसलिए, किसानों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए, सरकार ने सहायता राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है।

सरकार ने योजना के तहत पात्रता मानदंडों में भी ढील दी है। पहले, सभी श्रेणियों के किसानों को सहायता प्राप्त करने के लिए कम से कम दो हेक्टेयर का समूह बनाना आवश्यक था। अब न्यूनतम समूह की आवश्यकता को घटाकर एक हेक्टेयर कर दिया गया है।

वाघानी ने कहा कि छोटे किसान अक्सर लाभ से वंचित रह जाते थे क्योंकि यदि समूह में कोई किसान असहमत होता था तो आवश्यक दो हेक्टेयर का समूह बनाए रखना संभव नहीं होता था।

उन्होंने कहा कि ऐसे किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए, अब यह सीमा घटाकर मात्र एक हेक्टेयर कर दी गई है।

मंत्री के अनुसार, इस योजना के तहत आई-खेदुत पोर्टल के माध्यम से अब तक लगभग 1 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने कहा कि सभी आवेदनों को नियमों के अनुसार मानसून से पहले चरणबद्ध तरीके से स्वीकृत किया जाएगा, ताकि किसान कृषि कार्यों में पूरी तरह से जुट जाने से पहले बाड़ लगाने का काम पूरा कर सकें।

वाघानी ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ने 240 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त धनराशि की भी व्यवस्था की जाएगी।

मंत्री ने आगे कहा कि पहले इस योजना के लिए आवेदन पोर्टल साल में सिर्फ एक बार खोला जाता था।

हालांकि, इस साल ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए, जरूरत पड़ने पर पोर्टल दोबारा खोला जाएगा।