सूरत, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। सूरत साइबर क्राइम ब्रांच ने इंस्टाग्राम पर करीब 10 लाख फॉलोअर्स वाली 47 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला ने 500 रुपए के नोट पर छपी महात्मा गांधी की तस्वीर को आपत्तिजनक तरीके से दिखाते हुए एक वीडियो पोस्ट किया।
आरोपी की पहचान सिमरन पटेल के रूप में हुई है। वह गृहिणी है और गुजरात के सूरत के अडाजन इलाके में सुरती आइकन में रहती है। आरोप है कि उसने 1 अक्टूबर को दोपहर 1 से शाम 6 बजे के बीच अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह रील बनाकर पोस्ट की थी।
साइबर क्राइम ब्रांच के मुताबिक, वीडियो में 500 रुपए के नोट पर मौजूद महात्मा गांधी की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया और उसे आपत्तिजनक एवं अपमानजनक बयानों और हावभाव से जोड़ा गया, जिनमें यौन संकेत भी थे।
रील को इंस्टाग्राम पर सार्वजनिक रूप से पोस्ट किया गया था, जिससे अन्य यूजर्स भी इसे देख सकते थे। बाद में एक नागरिक ने इसकी शिकायत की। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम, 2008 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि पुलिस आयुक्त वाबांग जमीर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) डॉ. करणराज वाघेला और पुलिस उपायुक्त (साइबर सेल) बिशाखा जैन के निर्देश पर मामले की जांच की गई।
पुलिस इंस्पेक्टर एनआर पटेल और उनकी टीम ने इंस्टाग्राम अकाउंट चलाने और वीडियो बनाकर पोस्ट करने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए तकनीकी जांच की।
जांच के दौरान पुलिस सिमरन पटेल तक पहुंची, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। साइबर क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी रील या पोस्ट की सत्यता की जांच किए बिना उसे आगे न फैलाएं, खासकर ऐसी सामग्री जो सामाजिक तनाव पैदा कर सकती हो।
पुलिस ने लोगों से यह भी कहा है कि अगर सोशल मीडिया पर कोई फर्जी या आपत्तिजनक सामग्री दिखाई देती है तो इसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
पुलिस ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय हस्तियों, धार्मिक प्रतीकों या सामाजिक प्रतीकों से जुड़ी अश्लील, आपत्तिजनक या अपमानजनक सामग्री बनाना या शेयर करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
साइबर क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया यूजर्स को फॉलोअर्स या लाइक्स बढ़ाने के लिए कानून का उल्लंघन नहीं करने की सलाह दी। साथ ही आपत्तिजनक सामग्री की जानकारी पुलिस को देने की अपील की।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और गैरकानूनी सामग्री के प्रसार को लेकर पुलिस की निगरानी बढ़ी हुई है।
