भुवनेश्वर, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा में जारी भीषण हीटवेव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को स्कूलों के लिए समय से पहले ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया।
सरकार ने यह फैसला छात्रों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया है। इस संबंध में स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंजूरी दी। फैसले के अनुसार ओडिशा में सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल 27 अप्रैल से बंद रहेंगे।
हालांकि, पहले से तय परीक्षाएं, जनगणना से जुड़े काम और अन्य आधिकारिक गतिविधियां निर्धारित समय के अनुसार जारी रहेंगी।
ओडिशा इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। राज्य के कई हिस्सों, खासकर राजधानी भुवनेश्वर में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
गुरुवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), भुवनेश्वर ने अपने बुलेटिन में बताया कि अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि बलांगीर, झारसुगुड़ा, संबलपुर, क्योंझर और खुर्दा जिलों के कुछ स्थानों पर भीषण लू चलने की संभावना है।
गुरुवार को ओडिशा के 24 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, जिसमें झारसुगुड़ा और तलचर में सबसे ज्यादा 44 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
शुक्रवार सुबह 11:30 बजे तक ही झारसुगुड़ा का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार कर गया, जबकि कई अन्य इलाकों में भी तापमान इसी स्तर के करीब पहुंच गया।
भीषण गर्मी के कारण सुबह 11 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है, क्योंकि लोग घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं।
राज्य के कई हिस्सों से लू लगने (हीट स्ट्रोक) के मामले भी सामने आ रहे हैं। इसी वजह से पहले ही कई जिलों के कलेक्टरों ने स्कूलों की कक्षाएं स्थगित कर दी थीं।
हीट स्ट्रोक की घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने जनगणना का काम भी सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच रोक दिया है, ताकि गणनाकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

