प्रगतिशील और दक्ष पुलिस बल का नेतृत्व करना सम्मान की बात: शिवाधर रेड्डी

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हैदराबाद, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। तेलंगाना से विदाई ले रहे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बत्तुला शिवाधर रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि राज्य के प्रगतिशील, दक्ष और तकनीक आधारित पुलिस बल का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही।

शिवाधर रेड्डी आज (30 अप्रैल) सेवा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने साथ कई यादें लेकर जा रहे हैं और 32 वर्षों के पुलिस करियर में उन्हें अनेक अनुभव मिले।

वह यहां तेलंगाना पुलिस अकादमी में आयोजित भव्य विदाई परेड को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुलिस प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल को यादगार बताया।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। जनता और पुलिस के बीच दूरी कम करने के लिए फ्रेंडली पुलिसिंग लागू की गई।

शिवाधर रेड्डी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “डीजीपी का कार्यभार संभाले मुझे सात महीने हुए हैं। इस दौरान तेलंगाना की जनता और होमगार्ड से लेकर आईपीएस अधिकारियों तक पूरे पुलिस बल से मुझे भरपूर सहयोग मिला।”

उन्होंने कहा, “शांति और जन सुरक्षा बनाए रखने में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मेरी कामना है कि तेलंगाना राज्य शांति, सौहार्द और मजबूत कानून-व्यवस्था के साथ आगे बढ़ता रहे।”

राज्य सरकार ने गुरुवार को आदेश जारी कर शिवाधर रेड्डी को राज्य सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया है।

नए डीजीपी बनाए गए सी. वी. आनंद ने कहा कि शिवाधर रेड्डी ने 32 वर्षों तक विशिष्ट सेवाएं देकर जनता की सेवा की। उन्होंने कहा कि रेड्डी ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम किया और कई माओवादियों, जिनमें शीर्ष नेता भी शामिल थे, के आत्मसमर्पण में अहम भूमिका निभाई।

शिवाधर रेड्डी को 26 सितंबर 2025 को डीजीपी नियुक्त किया गया था। उस समय वह इंटेलिजेंस विभाग में पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।

वर्ष 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी शिवाधर रेड्डी सिविल सेवा परीक्षा पास करने से पहले वकालत करते थे। तीन दशक से अधिक के करियर में उन्होंने जिला और राज्य स्तर पर कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं।

हैदराबाद में जन्मे शिवाधर रेड्डी ने अपनी पढ़ाई शहर में पूरी की और उस्मानिया विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री ली। कुछ समय वकालत करने के बाद उन्होंने 1994 में सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईपीएस जॉइन किया। पहले उन्हें आंध्र प्रदेश कैडर मिला था, लेकिन 2014 में राज्य विभाजन के बाद उनका कैडर तेलंगाना कर दिया गया।

उन्होंने नलगोंडा, श्रीकाकुलम, नेल्लोर और गुंटूर जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा हैदराबाद में ट्रैफिक डीसीपी, दक्षिण क्षेत्र डीसीपी और स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच में भी कार्य किया।

उन्हें संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत कोसोवो भी भेजा गया था। वर्ष 2012 से 2014 तक वह विशाखापट्टनम के पुलिस आयुक्त रहे।

2014 में वह तेलंगाना इंटेलिजेंस विभाग के पहले प्रमुख बने। बाद में उन्होंने कार्मिक शाखा, रेलवे और सड़क सुरक्षा विभागों में भी सेवाएं दीं। दिसंबर 2023 में कांग्रेस सरकार ने उन्हें दोबारा इंटेलिजेंस प्रमुख नियुक्त किया था।