कोलकाता, 9 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) विधायक हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को एजेयूपी उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया।
हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद जिले की नाओदा और रेजीनगर, दोनों विधानसभा सीटों से निर्वाचित हुए थे। बाद में उन्होंने नाओदा सीट अपने पास रखने का फैसला किया, जिसके कारण रेजीनगर सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है।
नामांकन से पहले हुमायूं कबीर ने अप्रत्यक्ष रूप से अपने बेटे के समर्थन की अपील करते हुए राज्य के सभी गैर-भाजपा दलों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सभी गुटों, माकपा नीत वाम मोर्चा, कांग्रेस और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) से रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा के खिलाफ एक साझा विपक्षी उम्मीदवार उतारने की अपील की।
हुमायूं कबीर ने कहा, “राज्य की 294 विधानसभा सीटों में विपक्ष के पास 86 विधायक हैं। इनमें 80 तृणमूल कांग्रेस, दो कांग्रेस, एक माकपा, एक एआईएसएफ और एक मैं एजेयूपी से हूं। अगर ये 86 विधायक अपना अहंकार छोड़कर भाजपा के खिलाफ एकजुट हो जाएं तो 2026 में भी भाजपा को रोका जा सकता है।”
वहीं, नामांकन दाखिल करने के बाद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इस उपचुनाव में उनका मुख्य मुकाबला भाजपा से है।
उन्होंने कहा, “रेजीनगर उपचुनाव में मेरा प्रमुख प्रतिद्वंद्वी भाजपा है, जैसा पिछले विधानसभा चुनाव में भी था। मुझे नहीं लगता कि कोई अन्य पार्टी इस चुनाव में कोई बड़ा कारक होगी।”
गुलाम नबी आजाद ने अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताते हुए कहा, “मैं अपनी जीत को लेकर 100 प्रतिशत आश्वस्त हूं। मेरे पिता ने इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में रेजीनगर सीट जीती थी। हमारा परिवार लंबे समय से यहां राजनीति में सक्रिय है। मैं रेजीनगर के लोगों के साथ पहले भी था और आज भी हूं। मुझे विश्वास है कि रेजीनगर की जनता मेरे साथ खड़ी रहेगी।”
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में किसी सेलिब्रिटी को नहीं उतारा जाएगा। प्रचार केवल क्षेत्रीय और बूथ स्तर के नेता करेंगे। मेरे पिता भी प्रचार अभियान का हिस्सा होंगे।
रेजीनगर के अलावा पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भी 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
वर्तमान में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट, दोनों से निर्वाचित हुए थे। भवानीपुर सीट पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिसके चलते नंदीग्राम में उपचुनाव कराया जा रहा है।
