नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और तंजानिया ने रक्षा सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से 27 से 29 अक्टूबर तक नई दिल्ली में पहली सेना-सेना स्टाफ वार्ता आयोजित की। इस दौरान सैन्य शिक्षा, प्रशिक्षण के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के माध्यम से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
भारत दौरे के दौरान तंजानिया के प्रतिनिधिमंडल ने 505 आर्मी बेस वर्कशॉप और डीपीएसयू भवन का भी दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल को भारत की सैन्य रखरखाव क्षमताओं और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पहुंचकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
भारतीय सेना के अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशालय (एडीजीपीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित पहली भारत-तंजानिया सेना-सेना स्टाफ वार्ता का मुख्य उद्देश्य सैन्य शिक्षा, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के माध्यम से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना था।
पोस्ट में कहा गया कि तंजानिया के प्रतिनिधिमंडल ने 505 आर्मी बेस वर्कशॉप और डीपीएसयू भवन का दौरा कर भारत की सैन्य रखरखाव क्षमताओं तथा स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के बारे में जानकारी हासिल की। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी। इस बातचीत से दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और गहरे सैन्य सहयोग की साझा प्रतिबद्धता मजबूत हुई।
इस साल की शुरुआत में भी भारत और तंजानिया के बीच रक्षा सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हुई थी। दोनों देशों ने 2 और 3 फरवरी को तंजानिया के जंजीबार में संयुक्त रक्षा सहयोग समिति (जेडीसीसी) की चौथी बैठक आयोजित की थी। इसमें सैन्य प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद ने इस बैठक की सह-अध्यक्षता की थी। बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने आतंकवाद-रोधी गतिविधियों, शांति स्थापना प्रशिक्षण और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (ईडब्ल्यू), साइबर सुरक्षा तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण के जरिए सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर भी चर्चा की थी।
रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशालय ने उस समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि दोनों पक्षों ने सैन्य प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और रक्षा उद्योग में सहयोग के अलावा आतंकवाद-रोधी गतिविधियों, शांति स्थापना तथा ईडब्ल्यू, साइबर और एआई जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण के नए अवसरों पर विचार किया।
भारत और तंजानिया के बीच परंपरागत रूप से मैत्रीपूर्ण और सहयोगात्मक संबंध रहे हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में राजनीतिक समझ, विविध आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तथा विकास साझेदारी के क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है।
दोनों देश क्षमता निर्माण प्रशिक्षण, रियायती ऋण सुविधाओं और अनुदान आधारित परियोजनाओं के माध्यम से भी सहयोग करते रहे हैं। वर्ष 2023 में तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया था।

