नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और अफगानिस्तान ने गुरुवार को नई दिल्ली में संयुक्त समिति की चौथी बैठक आयोजित की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच संबंधों के पूरे दायरे पर चर्चा की गई। इसमें मानवीय सहायता, विकास सहयोग, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, क्षमता निर्माण, शिक्षा, खेल, व्यापार, वीजा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान भारत ने अफगानिस्तान के लोगों की भलाई और विकास की जरूरतों को पूरा करने में लगातार सहयोग जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, अफगान पक्ष ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत की लगातार मदद और सहयोग के लिए आभार जताया। यह जानकारी विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से जारी बयान में दी गई।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पीएआई) एम आनंद प्रकाश और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रथम राजनीतिक विभाग के महानिदेशक शुएब बरयालाई ने की।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “दोनों पक्षों ने नियमित बातचीत बनाए रखने के महत्व को दोहराया और एक-दूसरे के संपर्क में रहने पर सहमति जताई। संयुक्त समिति की अगली बैठक आपसी सुविधा के अनुसार किसी समय आयोजित की जाएगी।”
इससे पहले बुधवार को विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने नई दिल्ली में अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलवी अताउल्लाह ओमारी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के संबंधों और अफगान लोगों की भलाई और विकास के लिए चल रहे सहयोग पर चर्चा हुई।
मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज नई दिल्ली में अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलवी अताउल्लाह ओमारी से मुलाकात हुई। बातचीत में भारत-अफगानिस्तान संबंधों और अफगान लोगों की भलाई और विकास के लिए जारी सहयोग पर चर्चा हुई।”
ओमारी मंगलवार को भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे थे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ‘एक्स’ पर लिखा था, “अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलवी अताउल्लाह ओमारी का नई दिल्ली पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत है। आपसी हित के मुद्दों पर उपयोगी बातचीत की उम्मीद है।”
पिछले सप्ताह अफगानिस्तान के अंदर हुए पाकिस्तान के घातक हवाई हमलों के बाद भारत ने एक बार फिर काबुल को सहायता और विकास परियोजनाओं के जरिए समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा था, “हमने पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की थी, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित कई निर्दोष लोगों की जान गई। हमने उन लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त की थी और साथ ही अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के लिए अपना मजबूत समर्थन दोहराया था।”
उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान के साथ हमारा मानवीय सहायता सहयोग लगातार जारी है। हम उन्हें दवाइयां और अन्य जरूरी मदद भेज रहे हैं। साथ ही, हम ऐसी विकास परियोजनाओं की पेशकश भी कर रहे हैं, जिनसे वहां के लोगों की जिंदगी बेहतर हो सके। यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा।”

