Thursday, July 9, 2026
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महाराष्ट्र के राजस्व और शहरी विकास विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर: अंबादास दानवे

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मुंबई, 9 जुलाई (आईएएनएस)। शिवसेना-यूबीटी विधायक अंबादास दानवे ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंन आरोप लगाया कि राज्य के राजस्व और शहरी विकास विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है।

राज्य विधान परिषद में अंतिम सप्ताह के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोलते हुए दानवे ने राज्य प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार का ‘जीरो टोलरेंस’ का दावा केवल कागजों पर ही है।

दानवे ने राज्य सरकार को कई गंभीर मुद्दों पर घेरा, जिनमें राज्य की कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस का आचरण, संस्थागत भ्रष्टाचार, आदिवासी भूमि अतिक्रमण, स्टांप शुल्क घोटाले, नगर एवं औद्योगिक विकास निगम (सीआईडीसीओ) और महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएचएडीए) में अनियमितताएं, मराठा आरक्षण और किसानों के ऋण माफी शामिल हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार संस्थागत रूप ले चुका है और दावा किया कि सरकारी काम हासिल करने के लिए ठेकेदारों को विभिन्न स्तरों पर 54 प्रतिशत तक कमीशन देने के लिए मजबूर किया जाता है।

महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए दानवे ने राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले एक साल में राज्य में 26,000 से अधिक महिलाएं और लगभग 6,777 नाबालिग लड़कियां लापता हो गईं।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था चरमरा गई है और जेलों में बच्चों के खिलाफ अत्याचार, अपहरण, मानव तस्करी और अप्राकृतिक मौतों की बढ़ती घटनाओं की ओर इशारा किया।

दानवे ने यह भी आरोप लगाया कि मीरा-भयंदर में महायुति सरकार की महिला पदाधिकारियों ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सदानंद वसंत दते और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सीधे पत्र लिखकर महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और अपराधियों को मिल रहे राजनीतिक संरक्षण पर सवाल उठाया।

उन्होंने सत्ताधारी दल के एक विधायक द्वारा कथित तौर पर ‘शिवाजी कौन होता?’ पुस्तक के प्रकाशक को धमकी देने का मुद्दा भी उठाया।

पुलिस की असंवेदनशीलता की आलोचना करते हुए दानवे ने आरोप लगाया कि यौन उत्पीड़न की शिकार एक नाबालिग को केज पुलिस स्टेशन में चिकित्सा जांच के लिए नौ घंटे तक इंतजार कराया गया, जिससे स्थानीय पुलिस के कामकाज पर सवाल उठते हैं।

शहरी विकास विभाग पर ध्यान केंद्रित करते हुए शिवसेना-यूबीटी विधायक ने सीआईडीको, एमएचएडीए और विभिन्न नगर निगमों में कथित घोटालों की एक लंबी सूची पेश की।