नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सोमवार को ऐलान किया कि भारत में कुल इंटरनेट ग्राहकों की संख्या जून 2026 के अंत में बढ़कर 1.114 अरब हो गई, जो तीन महीने पहले 1.093 अरब थी। इसमें तिमाही आधार पर 1.96 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इस वृद्धि की वजह देशभर में ब्रॉडबैंड और वायरलेस इंटरनेट के इस्तेमाल में लगातार विस्तार रहा। कुल इंटरनेट ग्राहकों में से 1.066 अरब वायरलेस इंटरनेट यूजर्स थे, जबकि 4.7 करोड़ ग्राहक वायर्ड इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे थे।
इंटरनेट ग्राहकों में 1.087 अरब ब्रॉडबैंड यूजर्स और 2.66 करोड़ नैरोबैंड यूजर्स शामिल थे। तिमाही के दौरान ब्रॉडबैंड कनेक्शन की संख्या 2.03 प्रतिशत बढ़ी, जबकि नैरोबैंड ग्राहकों की संख्या में मामूली 0.89 प्रतिशत की गिरावट आई।
दूरसंचार नियामक ने कहा कि भारत में कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या भी तिमाही आधार पर 1.31 प्रतिशत बढ़कर जून 2026 के अंत में 1.34 अरब हो गई, जो मार्च में 1.33 अरब थी। इस अवधि के दौरान देश की टेली-डेंसिटी भी 93.26 प्रतिशत से बढ़कर 94.31 प्रतिशत हो गई।
इस दौरान वायरलेस कनेक्शन वृद्धि के प्रमुख कारक बने रहे। मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) यूजर्स सहित कुल वायरलेस ग्राहकों की संख्या जून तिमाही में 1.79 करोड़ बढ़कर 1.3 अरब हो गई, जबकि अकेले मोबाइल ग्राहकों की संख्या 1.66 करोड़ बढ़कर 1.28 अरब पर पहुंच गई। पिछले तिमाही के 89.88 प्रतिशत के मुकाबले वायरलेस टेली-डेंसिटी बढ़कर 90.96 प्रतिशत हो गई।
रिपोर्ट में बताया गया कि दूरसंचार कंपनियों ने राजस्व बढ़ाने की दिशा में लगातार सुधार किया। वायरलेस सेवाओं के लिए प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक राजस्व (एआरपीयू) तिमाही आधार पर 1.19 प्रतिशत बढ़कर 187.12 रुपए हो गया।
सालाना आधार पर वायरलेस एआरपीयू में 3.11 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्रीपेड ग्राहकों से औसत मासिक एआरपीयू 200.72 रुपए, जबकि पोस्टपेड ग्राहकों से 114.26 रुपए रहा।
वहीं, आंकड़ों के अनुसार, वायरलेस डेटा के प्रति जीबी से औसत राजस्व प्राप्ति 5.07 प्रतिशत घटकर 7.13 रुपए रह गई।
तिमाही के दौरान डेटा की खपत में मजबूत वृद्धि जारी रही।
वायरलेस डेटा ग्राहकों की संख्या 1.02 अरब से बढ़कर 1.04 अरब हो गई, जबकि कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक 8.3 प्रतिशत बढ़कर 84,424 पेटाबाइट हो गया। प्रति ग्राहक औसत मासिक डेटा खपत पिछली तिमाही के 26.70 जीबी से बढ़कर 28.39 जीबी हो गई।
ट्राई की रिपोर्ट में दूरसंचार क्षेत्र के राजस्व में वृद्धि के बारे में बताया गया। जून 2026 को समाप्त तिमाही के दौरान सकल राजस्व (जीआर) 1.07 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बढ़कर 88,796 करोड़ रुपए हो गया।
