Monday, August 17, 2026
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टीईटी विवाद: अपनी शिकायतें केंद्र तक ले जाने पर 5 शिक्षकों को सस्पेंड करने के लिए जगन ने चंद्रबाबू नायडू की आलोचना की

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अमरावती, 17 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने सोमवार को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की आलोचना की। यह आलोचना सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए ‘टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट’ से छूट की मांग को लेकर केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से मिलने वाले पांच शिक्षकों को सस्पेंड किए जाने के कारण की गई।

वाई.एस. जगन ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री से सरकारी कर्मचारियों, खासकर शिक्षकों के प्रति बदले की भावना को लेकर सवाल किया।

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने पूछा, “पहले दिन वाईएसआर कडप्पा जिले में शिक्षक संघों से जुड़े शिक्षकों को सस्पेंड किया गया और दूसरे दिन अनंतपुर और श्री सत्य साई जिलों के शिक्षकों को सस्पेंड किया गया। इन पांच शिक्षकों को क्यों सस्पेंड किया गया? उन्होंने क्या अपराध किया था?”

वाई.एस. जगन ने बताया कि एक लाख से ज्यादा सीनियर टीचर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, क्योंकि नौकरी के इतने सालों बाद अब उनसे टीईटी परीक्षा देने के लिए कहा जा रहा है, जबकि नौकरी शुरू करते समय ऐसी कोई टीईटी की शर्त नहीं थी।

वाई.एस. जगन ने पूछा, “क्या उनके लिए इस नियम से छूट की मांग करना और अपने साथ खड़े सांसदों के समर्थन से केंद्र सरकार को अपनी बात रखना कोई अपराध है?”

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने सस्पेंशन को तुरंत रद्द करने की मांग करते हुए सीएम नायडू से कहा कि वे सस्पेंड किए गए शिक्षकों से माफ़ी मांगें और अपनी गलती सुधारें। उन्होंने चेतावनी दी कि वाईएसआरसीपी इस मामले को गंभीरता से लेगी और इन अनुचित सस्पेंशन को चुनौती देने में शिक्षकों को पूरी कानूनी मदद देगी।

वाई.एस. जगन ने कहा, “आपकी ‘रेड बुक’ वाली मनमानी सरकार अब सरकारी शिक्षकों को भी नहीं बख्श रही है। चंद्रबाबू गारू, क्या आपको केंद्र सरकार से टीईटी की इस शर्त को हटाने के लिए नहीं कहना चाहिए था? एनडीए के सहयोगी होने के नाते आपने विधानसभा में कोई प्रस्ताव क्यों नहीं पारित किया और केंद्र पर दबाव क्यों नहीं बनाया?”

उन्होंने कहा, “आप वह काम नहीं कर पाए जो आपको करना चाहिए था। आपने सीनियर टीचरों की समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया। लेकिन, जब उन्होंने हमारी पार्टी के सांसदों के समर्थन से अपनी समस्याओं को केंद्र सरकार के ध्यान में लाने की कोशिश की, तो आपने उन पर राजनीतिक मकसद से प्रेरित होने का आरोप लगाया और उन्हें सस्पेंड कर दिया।”

पूर्व मुख्यमंत्री जगन ने पूछा, “क्या उनकी एकमात्र गलती यह है कि उन्होंने वह करने की कोशिश की जो आप नहीं कर सके? क्या अपनी बात रखना या कोई आवेदन देना अपराध है? क्या इसके लिए सस्पेंशन की कार्रवाई होनी चाहिए? यह दुखद है कि सरकार किसी समस्या को सुलझाने के बजाय उसे राजनीतिक नजरिए से देख रही है और शिक्षकों पर राजनीतिक मकसद का आरोप लगा रही है। आप इतने निचले स्तर पर कैसे गिर सकते हैं?”

जगन ने सीएम नायडू पर अपनी पार्टी के घोषणा-पत्र में कर्मचारियों से किए गए सभी वादों से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार का कार्यकाल अब तीसरे साल में चल रहा है। लेकिन, अंतरिम राहत और वेतन संशोधन आयोग से जुड़े वादे पूरे नहीं किए गए हैं, जबकि पांच डीए (महंगाई भत्ते) भी लंबित पड़े हैं।

वाईएस जगन ने कहा, “चंद्रबाबू गारू, लोग देख रहे हैं कि आप किस तरह सत्ता के अहंकार में काम कर रहे हैं और तानाशाही वाली नीतियां अपना रहे हैं। आप ऐसे मुकाम पर पहुंच गए हैं, जहां आप अपनी परछाईं भी बर्दाश्त नहीं कर सकते।”