बेंगलुरु, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने बुधवार को राज्य सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाते हुए कहा कि 108 मुफ्त एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों को मनवाने के लिए हड़ताल की चेतावनी देने पर मजबूर होना पड़ा है।
गौरतलब है कि एम्बुलेंस चालकों ने अपनी कई मांगों को पूरा करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि वे आज रात 10 बजे से ड्यूटी पर नहीं आएंगे। सरकार और एम्बुलेंस चालकों के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
एक बयान में अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से सवाल किया कि 22 सितंबर को कर्मचारियों के साथ बैठक कर उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन देने के बावजूद सरकार आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं कर सकी।
उन्होंने कहा कि वेतन संशोधन, समान वेतन, समय पर वेतन भुगतान और दुर्घटना में मौत या स्थायी रूप से विकलांग होने वाले कर्मचारियों के लिए 50 लाख रुपए मुआवजे जैसी कई मांगें अब भी लंबित हैं।
अशोक ने स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर की भी आलोचना करते हुए कहा, “क्या जीवन बचाने वाली सेवाएं देने वाले कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान देना आपकी जिम्मेदारी नहीं है?”
राज्य की वित्तीय स्थिति को खराब करने का आरोप लगाते हुए अशोक ने कहा कि सरकार अब आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी अनिश्चितता की स्थिति में धकेल रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 108 एम्बुलेंस सेवा बाधित होती है, तो इसका सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि मरीजों की जान खतरे में पड़ने से पहले स्थिति को संभाला जाए।
अशोक ने सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने और लोगों की जान की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की।
गौरतलब है कि 108 आरोग्य कवच चिकित्सा और सड़क दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों के लिए एक टोल-फ्री एम्बुलेंस सेवा है। यह सेवा कॉल करने से लेकर मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक पूरी तरह मुफ्त है।
इस सेवा का संचालन और प्रबंधन कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत किया जाता है।
