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कर्नाटक : स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर भाजपा का हमला, सीबीआई जांच की मांग

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बेंगलुरु, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने सोमवार को कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अपनी ही पार्टी के नेताओं को निशाना बना रहे हैं और अंदरूनी तौर पर कांग्रेस को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।

बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री समेत जो भी आरोप लगा रहे हैं, उन्हें केवल आरोप लगाने के बजाय सच्चाई सामने लाने की प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए।

उन्होंने कहा, “अगर सिद्दारमैया जांच चाहते हैं तो मुख्यमंत्री या फिर उपायुक्त को पत्र लिखें। यदि उन्हें सीबीआई पर भरोसा नहीं है तो किसी दूसरी एजेंसी से जांच करा सकते हैं। लेकिन, अगर वे सच में सच्चाई सामने लाना चाहते हैं तो मामला सीबीआई को सौंप देना चाहिए।”

नारायणस्वामी ने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री सच्चाई सामने आने से रोकना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अपनी ही पार्टी के लोगों के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करा रहे हैं।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे या कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है।

उन्होंने कहा, “किसका नाम हटाया गया है? उन लोगों के नाम सामने लाइए, हम चुनाव आयोग के पास जाएंगे और उनका नाम फिर से जुड़वाएंगे। आग कहीं नहीं है, लेकिन धुआं आप लोग पैदा कर रहे हैं।”

नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्वविहीन होती जा रही है और धीरे-धीरे जनता का समर्थन खो रही है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते, क्योंकि उनके पास इस पद के लिए जरूरी क्षमता, परिपक्वता और बुद्धिमत्ता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा देने पर विचार करना चाहिए।

कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को वरिष्ठ नेता बताया, जबकि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला को ‘दो क्लर्क’ कहा।

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का नेतृत्व मुख्य रूप से राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए सत्ता बनाए रखने में रुचि रखता है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर देश में असुरक्षा का माहौल पैदा करने का भी आरोप लगाया।

एसआईआर मुद्दे पर विपक्ष के प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट मार्च की आलोचना करते हुए नारायणस्वामी ने कहा कि राजनीतिक दलों को विरोध प्रदर्शन करने के बजाय अदालत में उचित कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि भारत के मुख्य न्यायाधीश ने प्रदर्शनकारियों को उचित जवाब देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मामलों को अदालत में याचिका और सुनवाई के जरिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए।