बेंगलुरु, 1 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के मनोनीत मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सोमवार को नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत पर छात्रों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि आईआईएससी, एनएलएसआईयू, इसरो और एचएएल जैसे भारत के कुछ प्रमुख संस्थान कर्नाटक में स्थित हैं, और उन्होंने छात्रों से उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने हिजाब-भगवा शॉल विवाद में पड़ने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि हम इस पर बाद में चर्चा करेंगे। चाहे वह भगवा शॉल हो या तिरंगा शॉल, हम सही समय पर इस पर चर्चा करेंगे। यह इस मामले पर चर्चा करने का समय नहीं है।
उन्होंने छात्रों को शुभकामनाएं दीं और उनसे आगे आने वाले अवसरों का भरपूर लाभ उठाने का आग्रह करते हुए कहा कि आज एक नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत हो रही है। सरकार की ओर से और व्यक्तिगत रूप से, मैं नए शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश करने वाले सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।
शिवकुमार ने कहा कि राज्य ने कुशल पेशेवरों की कई पीढ़ियां तैयार की हैं, जिन्होंने दुनिया भर में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कई लोग जिन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा कर्नाटक में प्राप्त की, उन्होंने आगे चलकर मानवता के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है। कर्नाटक की समृद्ध शैक्षिक विरासत दुनिया भर से लोगों का ध्यान आकर्षित करती रहती है। हमने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन वैज्ञानिक, वकील, प्रोफेसर और पेशेवर तैयार किए हैं।
उन्होंने कहा कि देश के कुछ प्रमुख संस्थान, जिनमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम), नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू), इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो), और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) जैसे प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम शामिल हैं, कर्नाटक में ही स्थित हैं।
उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को इस विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए। हम एक ऐसे नए युग में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे तकनीक और नवाचार ने आकार दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आ चुका है, और आने वाले दिनों में मैं एआई के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा पर राज्य की शिक्षा नीति के बारे में अपने विचार और योजनाएं साझा करूंगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को संबोधित करते हुए, शिवकुमार ने उनसे शहरी क्षेत्रों के छात्रों की तुलना में खुद को कमतर न समझने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को अपना आत्मविश्वास नहीं खोना चाहिए। अपनी तुलना दूसरों से न करें। हमारे शिक्षक सक्षम हैं, और एसएसएलसी(कक्षा 10) परीक्षा के परिणाम हमारे स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता का प्रमाण हैं। हम शिक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने और उसे एक नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान और भविष्य की सरकारें छात्रों को अपना समर्थन जारी रखेंगी और पूरे राज्य में शैक्षिक अवसरों को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगी।

