Saturday, June 27, 2026
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सिद्धारमैया ने कर्नाटक उपचुनाव में जीत की सराहना की, बंगाल के नतीजों पर सवाल उठाए

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बेंगलुरु, 4 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य में उपचुनाव और पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के परिणाम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोमवार को बागलकोट और दावणगेरे में हुए उपचुनावों में कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनादेश उनकी सरकार की उपलब्धियों और पार्टी की विचारधारा की अटूट शक्ति को दर्शाता है।

चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बयान में उन्होंने कहा कि गलत सूचना अभियानों और धनबल के प्रभाव के बावजूद, कर्नाटक के दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं ने कांग्रेस और उसके शासन में अपना विश्वास दोहराया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस विश्वास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और आगामी विधानसभा चुनावों में भी जनता के निरंतर समर्थन को लेकर आश्वस्त है।

अन्य राज्यों के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए सिद्धारमैया ने केरल और तमिलनाडु के मतदाताओं को बधाई दी और कहा कि उन्होंने विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ स्पष्ट फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस की जीत अपेक्षित थी और इसका श्रेय एकजुट नेतृत्व, मजबूत उम्मीदवारों के चयन और प्रभावी चुनाव प्रचार को दिया। उन्होंने पार्टी के प्रदर्शन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका को भी स्वीकार किया।

उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस विधायक दल जल्द ही अपना अगला मुख्यमंत्री चुनेगा और विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में शासन व्यवस्था राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल कायम करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस जीत से कर्नाटक में कांग्रेस और मजबूत होगी।

पश्चिम बंगाल को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ताधारी सरकार के खिलाफ जबरदस्त जनविरोधी भावना थी और उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची संशोधन में अनियमितताओं के साथ-साथ प्रशासनिक मशीनरी, धन और बाहुबल के दुरुपयोग ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि संशोधन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम छूट जाने से भी परिणाम प्रभावित हुए।

उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चुनौती है और आरोप लगाया कि धार्मिक ध्रुवीकरण पर निर्भरता लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य के मतदाता अगले लोकसभा चुनावों में जनादेश का पुनर्मूल्यांकन करेंगे।