बेंगलुरु, 23 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार को शनिवार को प्रस्तावित मदावरा-तुमकुरु मेट्रो रेल परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) विधान सौधा में सौंपी गई।
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मुख्य सचिव शालिनी रजनीश, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) तुषार गिरिनाथ और बैंगलोर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में डीपीआर प्राप्त की।
परमेश्वर ने कहा कि डीपीआर को चर्चा और निर्णय के लिए राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा, “मदावरा-तुमकुरु मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर रिपोर्ट कैबिनेट में ले जाई जाएगी। वहां इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी और आगे का फैसला लिया जाएगा।”
गौरतलब है कि नम्मा मेट्रो की ग्रीन लाइन के उत्तरी टर्मिनल मदावरा से तुमकुरु तक प्रस्तावित 59.6 किलोमीटर लंबी मेट्रो विस्तार परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। मई 2026 में इसकी डीपीआर सरकार को सौंप दी गई है।
करीब 20,649 करोड़ रुपये की लागत वाली इस अंतर-शहरी मेट्रो कॉरिडोर परियोजना में 27 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
परियोजना की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स द्वारा व्यवहार्यता अध्ययन पूरा किया गया। बीएमआरसीएल ने डीपीआर तैयार करने का ठेका भी इसी कंपनी को दिया था, जिसके बाद फील्ड सर्वे, ट्रैफिक आकलन और भू-तकनीकी जांच का काम तेज किया गया।
डीपीआर सरकार को आधिकारिक रूप से सौंपे जाने के बाद अब कैबिनेट मंजूरी, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है।
इससे पहले गृह मंत्री परमेश्वर ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए तुमकुरु शहर को बेंगलुरु से जोड़ने के अपने सुझाव का बचाव भी किया। उनके इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य तुमकुरु जिले की पहचान बदलना नहीं है। उन्होंने कहा, “मेरे सुझाव को सही नजरिए से समझा जाना चाहिए। तुमकुरु शहर की बेंगलुरु से निकटता को देखते हुए, बेंगलुरु के नाम को तुमकुरु से जोड़ने से निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।”
परमेश्वर ने अन्य शहरी विकास मॉडलों का उदाहरण देते हुए कहा कि आर्थिक विकास के लिए पड़ोसी शहरों को आपस में जोड़ा जाता है, जबकि उनकी अलग पहचान भी बरकरार रहती है।
उन्होंने कहा, “उदाहरण के तौर पर नोएडा दिल्ली क्षेत्र का हिस्सा है, लेकिन उसने अपनी अलग पहचान बनाए रखी है। दूसरे देशों में भी विकास सुनिश्चित करने के लिए पड़ोसी शहरों को जोड़ा जाता है।”
भाजपा पर विकास कार्यों का विरोध करने का आरोप लगाते हुए परमेश्वर ने कहा कि तुमकुरु को बेंगलुरु के निकट होने का लाभ मिलना चाहिए और उसे एक बड़े औद्योगिक तथा शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित होना चाहिए।

