Tuesday, August 4, 2026
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राम मंदिर दान विवाद पर खरगे का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- प्रधानमंत्री दें जवाब, संसद में हो चर्चा

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नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान और चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर जवाब मांगा। उन्होंने इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग करते हुए इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला बताया।

राज्यसभा में बोलते हुए खरगे ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े कीमती चढ़ावे, नकद दान और भूमि लेनदेन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था और इसकी घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में की थी। साथ ही ट्रस्ट को 70 एकड़ से अधिक भूमि भी हस्तांतरित की गई थी।

खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक के प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। ऐसे में वह इस मामले में अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।

उन्होंने आरोप लगाया कि “भगवान श्रीराम के नाम पर लूट” करने वालों को देश से माफी मांगनी चाहिए और जनता को गुमराह करना बंद करना चाहिए। उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार विरोध जताया, जिससे सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।

बाद में संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए खरगे ने बताया कि विपक्ष ने राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर राम मंदिर दान विवाद और छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर संबंधित नियमों के तहत चर्चा कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा होने से सच्चाई देश के सामने आएगी, लेकिन केंद्र सरकार इस पर बहस से बचना चाहती है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि उनका बार-बार सदन से अनुपस्थित रहना या तो सवालों का सामना करने के डर को दर्शाता है या फिर संसदीय परंपराओं के प्रति उदासीनता को।

उन्होंने कहा कि संसद को सुचारु रूप से चलाने का एकमात्र तरीका यही है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आकर अपना पक्ष रखें। साथ ही उन्होंने दोहराया कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

खरगे के इस बयान के बाद मानसून सत्र के दौरान राम मंदिर दान विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं। सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमत होगी या नहीं, इस पर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।