Sunday, July 5, 2026
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हांगकांग एयरपोर्ट पर फंसा भारतीय परिवार; आंध्र के मंत्री लोकेश ने विदेश मंत्री जयशंकर से मदद की अपील की

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अमरावती, 5 जुलाई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने रविवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से हांगकांग एयरपोर्ट पर फंसे एक तेलुगु परिवार की तुरंत मदद करने की अपील की। तेलुगु परिवार का पासपोर्ट खो गया था।

आंध्र पद्रेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के बेटे और मानव संसाधन विकास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विदेश मंत्री से अपील की।

राजेश्वरी बोल्ला नाम की एक महिला ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री लोकेश को सोशल मीडिया पर टैग करके उनसे मदद मांगी। इसके बाद, उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मदद मांगी।

दरअसल, परिवार, हैदराबाद से हांगकांग होते हुए शिकागो जा रहा था और इसी दौरान अपना पासपोर्ट खो दिया।

राजेश्वरी बोला ने पोस्ट किया कि वे इमरजेंसी की स्थिति में हैं। पोस्ट में लिखा है, “मेरे परिवार को 2 जुलाई को कैथे पैसिफिक एयरलाइंस से हैदराबाद से शिकागो होते हुए हांगकांग जाना था, लेकिन हमारे पासपोर्ट हवाई जहाज में खो गए। हम पिछले 52 घंटों से हांगकांग एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। हमारे साथ 5 साल और 3 साल के छोटे बच्चे हैं और हम सच में बहुत मुश्किल में हैं। आपकी टीम से तुरंत दखल देने या गाइडेंस देने की अपील है ताकि हम सही अथॉरिटी तक पहुंच सकें और हमें रिप्लेसमेंट पासपोर्ट जारी करवाने में मदद मिल सके। प्लीज मदद करें।”

पीड़ित परिवार की अपील का जवाब देते हुए, लोकेश ने लिखा कि उन्हें परिवार की इस मुश्किल के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। उन्होंने विदेश मंत्री जयशंकर से कहा, ‘कृपया इस मामले को देखें और परिवार को तुरंत मदद दें।’

राजेश्वरी बोला ने हांगकांग एयरपोर्ट पर इंतजार करते हुए उनकी तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने उनके बोर्डिंग पास की तस्वीर भी पोस्ट की।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खोए हुए पासपोर्ट ढूंढने में उनकी मदद करें। हैदराबाद से हांगकांग जाते समय बैग खो गया था, जिसमें दो भारतीय पासपोर्ट और दो अमेरिकी पासपोर्ट थे। फ्लाइट सीएक्स672, 2 जुलाई को सुबह 2.43 बजे हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से रवाना हुई थी।

उन्होंने अपील में लिखा है, “कृपया चेक करें कि क्या आपने या आपके किसी जानने वाले ने उसी फ्लाइट में यात्रा की थी। थोड़ी सी भी कोशिश हमें अपने डॉक्यूमेंट्स वापस पाने में मदद कर सकती है।”