तमिलनाडु के 10 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

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चेन्नई, 12 मई (आईएएनएस)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने श्रीलंका में तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होने की संभावना जताई है, जिससे आने वाले दिनों में तमिलनाडु के कई हिस्सों में बारिश बढ़ने की आशंका है।

मंगलवार को जारी मौसम बुलेटिन में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने बताया कि श्रीलंका से सटे दक्षिण-पश्चिम खाड़ी क्षेत्र में विकसित हो रहे इस मौसम तंत्र के धीरे-धीरे और अधिक सक्रिय होने की संभावना है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल तमिलनाडु में गंभीर मौसम की स्थिति का कोई तत्काल खतरा नहीं है।

मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि विकसित हो रहे इस प्रणाली के प्रभाव से अगले चार दिनों में तमिलनाडु के दक्षिणी तटीय जिलों और डेल्टा क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा हो सकती है।

मौजूदा वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह बढ़ने की संभावना है, जिससे कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है।

मौसम विज्ञान विभाग ने तमिलनाडु के 10 जिलों के लिए 15 और 16 मई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के अनुसार, इस दौरान नीलगिरि, कोयंबटूर, इरोड, तिरुप्पुर, तंजावुर, तिरुवरूर, नागपट्टिनम, पुदुक्कोट्टई, रामनाथपुरम और शिवगंगा जिलों में गरज के साथ भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम अधिकारियों ने कहा कि निम्न दबाव प्रणाली द्वारा उत्पन्न स्थानीय संवहन और नमी के प्रवेश के कारण वर्षा की गतिविधि तेज हो सकती है, विशेष रूप से आंतरिक और पश्चिमी जिलों में।

मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले मौसम संबंधी अपडेट पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि तमिलनाडु तट से सटे बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में स्थितियां खराब हो सकती हैं।

इस बीच, चेन्नई में अगले दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने से लेकर आम तौर पर बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि शहर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है, जिससे भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।

दक्षिण भारत में मानसून से पहले की मौसम संबंधी गतिविधियों में वृद्धि के बीच यह ताजा घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें पिछले सप्ताह कई क्षेत्रों में छिटपुट बारिश, तेज हवाएं और गरज के साथ तूफान देखने को मिले हैं।

मौसम विज्ञानी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव तंत्र की गति और तीव्रता पर लगातार नजर रख रहे हैं।