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‘लोकतंत्र ने भीड़तंत्र को जवाब दिया’, उपचुनाव के नतीजों पर बोलीं स्मृति ईरानी

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नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को कहा कि असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में हाल ही में हुए उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिले शानदार नतीजे यह दिखाते हैं कि भारत के मजबूत लोकतंत्र ने ‘मोबोक्रेसी’ (भीड़तंत्र) को करारा जवाब दिया है।

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में पार्टी की जबरदस्त जीत के बाद स्मृति ईरानी ने पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस पार्टी की ‘सड़क की राजनीति’ पर तंज कसा और ‘तानाशाह’ भाजपा से लड़ने के बहाने भारतीय राज्य को ‘नुकसान’ पहुंचाने की उनकी अपील की निंदा की।

भाजपा नेता ने कहा, “15 जनवरी 2025 को कांग्रेस नेता (राहुल गांधी) ने खुले दिल से कहा था कि वे भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि भारतीय राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उनकी ओर से हमला किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत के इतिहास में कभी भी किसी चुने हुए नेता ने देश के संवैधानिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने का रास्ता नहीं चुना या ऐसी हिम्मत नहीं की।

कई राज्यों में मिले जबरदस्त जनादेश का स्वागत करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, “आज लोकतंत्र ने भीड़तंत्र को जवाब दिया है। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के लिए भाजपा उम्मीदवारों का चुना जाना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है। पुडुचेरी में हम एनडीए उम्मीदवार की जीत का दिल से स्वागत करते हैं। पश्चिम बंगाल से हमें नंदीग्राम और रेजीनगर से बहुत खुशी की खबरें मिल रही हैं।”

उन्होंने कहा, “नंदीग्राम वामपंथी विचारधारा और जनता के खिलाफ हिंसा का गढ़ था। आज भाजपा को मिला जनादेश सुशासन की जीत को दर्शाता है। रेजीनगर में जहां लगभग 71 प्रतिशत मतदाता अल्पसंख्यक समुदाय से हैं, भाजपा जीत की ओर बढ़ रही है।”

भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की हालिया अपील ‘पितृसत्ता को खत्म करने’ पर भी सवाल उठाए और बताया कि कैसे उनके ‘खोखले दावे’ बहुत जल्द बेनकाब हो गए।

कांग्रेस सांसद और राष्ट्रीय राजधानी के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के प्रोफेसर का उदाहरण देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि महिला छात्रों ने उन पर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी कि वे अच्छे नंबर देने के बदले उनका यौन उत्पीड़न करते थे।

उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, जो पितृसत्ता को खत्म करने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उन्होंने कभी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की; अपराध का संज्ञान लेना तो दूर की बात है।”

स्मृति ईरानी ने सवाल किया, “यूनिवर्सिटी की जांच रिपोर्ट में उसी प्रोफेसर को महिला स्टूडेंट्स को परेशान करने का दोषी पाया गया है। मैं कांग्रेस लीडरशिप से पूछती हूं कि उन्होंने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कोई राजनीतिक कार्रवाई क्यों नहीं की?”

बिना नाम लिए उन्होंने हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित दुर्व्यवहार पर भी निशाना साधा और मांग की कि वे जो उपदेश देते हैं, उस पर खुद भी अमल करें।