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ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर विपक्ष आक्रामक, राष्ट्रपति भवन से न्याय मिलने की उम्मीद

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नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को विपक्षी दलों के 10 सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की खबर है। वहीं, 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से भी प्रदर्शन किए जाने की घोषणा के मद्देनजर दिल्ली के इंडिया गेट, कनॉट प्लेस और लुटियंस जोन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जनप्रतिनिधियों से मिलने से बच रहा है। जब विपक्षी सांसद प्रदर्शन के लिए निकले थे, तब उन्हें आकाशवाणी भवन के बाहर ही रोक दिया गया था। चुनाव आयोग जनप्रतिनिधियों से मिलने में संकोच क्यों कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि सांसदों को भारी बैरिकेडिंग और पुलिस बल की मदद से रोका जाता है तो इसके पीछे की वजह स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक आवाजों को दबाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में पिछले चार दिनों से आंदोलन चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि यह विरोध-प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है, बल्कि आने वाले समय में और तेज होगा। बघेल ने कहा कि आंदोलन आग की तरह फैल सकता है और विपक्ष अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष लोगों के मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर रहा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल उन लोगों के लिए नहीं है जो विपक्ष की राजनीतिक विचारधारा का समर्थन करते हैं, बल्कि उन लोगों के अधिकारों के लिए भी है जो उसकी आलोचना करते हैं।

गोगोई ने प्रदर्शन में शामिल लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े होने का समय है।कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्षी सांसद राष्ट्रपति को अपना ज्ञापन सौंपने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं। खेड़ा ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति संविधान की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएंगी। विपक्ष को राष्ट्रपति से न्याय मिलने की उम्मीद है।

इंडिया ब्लॉक के नेताओं और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बीच मुलाकात को लेकर वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि राष्ट्रपति सभी सांसदों की संरक्षक हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 300 सांसद लगातार चौथे दिन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है और वोट चोरी से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष राष्ट्रपति के सामने अपनी चिंताएं रखेगा और उसे न्याय मिलने की उम्मीद है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि हम सड़कों पर उतर आए हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिलेंगे। वे कब तक इन्हें दबाते रहेंगे? इस सरकार को जाना होगा और मुख्य चुनाव आयुक्त को भी हटाना होगा।

सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क ने कहा कि हम, समाजवादी पार्टी समेत सभी विपक्षी दलों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर एकजुट और पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। यह जनता से जुड़ा मुद्दा है। हमने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने के लिए राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था।

कांग्रेस नेता दानिश अली ने कहा कि इंडिया गठबंधन, देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। यह लड़ाई सड़कों से लेकर संसद तक और संसद से लेकर राष्ट्रपति भवन तक जारी है। यह तब तक जारी रहेगी, जब तक ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग से हटाया नहीं जाता।

सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि जब कुछ हुआ ही नहीं है, तो इतनी सारी सेवाओं को बंद करने की क्या जरूरत है? भाजपा इतनी डरी हुई क्यों है? जब कोई सरकार अपने ही लोगों से इतनी डरने लगे कि उनके आने-जाने के साधन ही बंद कर दे, तो समझो उसके पतन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।