Sunday, June 7, 2026
SGSU Advertisement
Home अपराध उत्तर प्रदेश: संभल में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी अवैध मस्जिद गिराई...

उत्तर प्रदेश: संभल में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी अवैध मस्जिद गिराई गई, प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

0
3

संभल, 6 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश प्रशासन ने शनिवार को मुस्तफा कादरी मस्जिद को गिरा दिया। यह मस्जिद कब्रिस्तान की जमीन के एक हिस्से पर अवैध रूप से बनाई गई थी।

जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अंकित खंडेलवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “जिले में सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जे लगातार हटाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, ‘कब्रिस्तान’ की जमीन पर अवैध कब्‍जे को लेकर एक शिकायत मिली थी।”

उन्होंने बताया कि तहसीलदार कोर्ट ने एक नोटिस जारी कर अवैध कब्‍जे को हटाने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में अपील दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि मस्जिद सार्वजनिक जमीन पर बनी थी और अवैध थी। इसलिए, इसे गिराना जरूरी था।

डीएम खंडेलवाल ने यह भी कहा, “इस प्रक्रिया के तहत, हम डिमोलिशन की कार्रवाई कर रहे हैं। हमने निरीक्षण भी किया और कुछ पोस्टर पाए। उनमें से एक पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखा था। कुछ झंडे भी मिले हैं। आगे की जांच की जा रही है।”

पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने भी पुष्टि की कि पुलिस को घटनास्थल पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर और कुछ झंडे मिले हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हम देखेंगे कि ये झंडे किसी देश या धर्म का प्रतिनिधित्व करते हैं या नहीं, और इन्हें छपवाने में शामिल लोगों के बारे में भी जांच करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से घटनास्थल पर चार पुलिस थानों के जवानों को तैनात किया गया है।

उप-जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) निधि पटेल ने बताया कि मस्जिद के मैनेजर पर 1,12,800 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने आईएएनएस को बताया, “मस्जिद के मैनेजर तहसीलदार के सामने पेश हुए थे, लेकिन उन्होंने कार्रवाई पर कोई आपत्ति नहीं जताई। मामले में वही पेश हुए थे, इसलिए उन पर जुर्माना लगाया गया है।”

वहीं, एक स्थानीय निवासी ने आरोप लगाया कि अदालत में उनकी बात ठीक से नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा कि हमें एकतरफा आदेश मिला और उसी के आधार पर हमारी मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह आदेश हमारी बात सुने बिना ही जारी कर दिया गया। हमारी तरफ से एक भी बात नहीं सुनी गई। हमें इस मामले में सुनवाई के लिए तारीख मिली थी और उसी दिन आदेश भी सुना दिया गया।