नेपाल: भारत की वित्तीय मदद से स्कूल निर्माण का काम चालू

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काठमांडू, 11 मई (आईएएनएस)। भारत सरकार की वित्तीय मदद से नेपाल के कैलाली जिले स्थित धनगढ़ी उप-महानगरपालिका में एक विद्यालय भवन के निर्माण का कार्य सोमवार को शुरू किया गया। भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी दी।

नेपाल स्थित भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव नारायण सिंह ने सोमवार को एक कार्यक्रम में सिद्धनाथ माध्यमिक विद्यालय भवन की आधारशिला रखी। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और अन्य हितधारक भी उपस्थित रहे।

दूतावास के बयान अनुसार, विद्यालय भवन का निर्माण भारत सरकार की ओर से हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (एचआईसीडीपी) योजना के तहत लगभग 3.6 करोड़ नेपाली रुपए की वित्तीय मदद से किया जा रहा है। इस परियोजना को धनगढ़ी उप-महानगरपालिका, कैलाली के माध्यम से लागू किया जाएगा।

धनगढ़ी उप-महानगरपालिका के मेयर गोपाल हमाल और अन्य हितधारकों ने भारत सरकार के सहयोग की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि नए विद्यालय भवन से क्षेत्र के छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।

भारतीय दूतावास ने कहा, “भारत और नेपाल नजदीकी पड़ोसी होने के नाते विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सहयोग जारी रखे हुए हैं। विशेष रूप से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के माध्यम से एचआईसीडीपी परियोजनाओं का क्रियान्वयन नेपाल में विकास और प्रगति को बढ़ावा देने के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दर्शाता है।”

एचआईसीडीपी कार्यक्रम भारत-नेपाल विकास साझेदारी के प्रमुख स्तंभों में से एक बन चुका है, जो नेपाल में जमीनी स्तर पर विकास परियोजनाओं को समर्थन देता है। भारत जहां बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भी सहयोग कर रहा है, वहीं एचआईसीडीपी स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं के विकास में मदद करता है, जिससे स्थानीय सरकारें जनता को बेहतर सार्वजनिक सेवाएं प्रदान कर सकें।

साल 2003 में शुरू की गई इस योजना को पहले ‘स्मॉल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स’ के नाम से जाना जाता था। इस पहल के तहत नेपाल में स्थानीय निकायों के माध्यम से छोटे स्तर की बुनियादी और सामुदायिक परियोजनाओं को समर्थन दिया जाता है। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता, ग्रामीण विद्युतीकरण, जलविद्युत और नदी प्रबंधन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

जनवरी 2024 में हुए एक नए समझौते के तहत इस योजना को और मजबूती मिली, जिसके तहत भारत की वित्तीय सहायता की सीमा प्रति परियोजना 50 लाख नेपाली रुपए से बढ़ाकर 2 करोड़ नेपाली रुपए कर दी गई।