जयपुर, 25 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को राजस्थान के जयपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने अंत्योदय (अंतिम व्यक्ति के उत्थान), समग्र मानवतावाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के सिद्धांतों में उनके योगदान को याद किया।
नवीन ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को भारत माता का महान सपूत और समग्र मानवतावाद का प्रवर्तक बताया और कहा कि उनका जीवन और कार्य राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का राजस्थान से विशेष संबंध था, जहां उन्होंने अपनी शिक्षा प्राप्त की। उनके नाना का घर धनक्या रेलवे स्टेशन के पास स्थित था, जहां उनका पालन-पोषण और शिक्षा हुई। उनके नाना स्टेशन मास्टर के पद पर कार्यरत थे।
नवीन ने आगे कहा कि राजस्थान में उपाध्याय को मिले मार्गदर्शन और परवरिश ने उनकी बाद की शैक्षणिक उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने याद दिलाया कि उपाध्याय ने सीकर कल्याण हाई स्कूल में पढ़ते समय अजमेर क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त किया था और बाद में पिलानी में इंटरमीडिएट परीक्षा में भी शीर्ष स्थान प्राप्त किया था।
नवीन ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के वैचारिक योगदान ने भारतीय जनसंघ से लेकर भाजपा तक संगठन की सोच को दिशा प्रदान की और आज भाजपा जिस मुकाम पर है, उसकी नींव रखने में मदद की।
उपाध्याय के दीपक संबंधी कथन को याद करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दीपक की असली परीक्षा उसकी लौ में नहीं, बल्कि उसकी रोशनी की पहुंच में होती है।
उन्होंने आगे कहा कि यही सिद्धांत ‘अंत्योदय’ का आधार है, जो यह सुनिश्चित करता है कि विकास और कल्याण के लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें।
नवीन के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की योजनाएं और कार्यान्वयन तंत्र इस सिद्धांत को जमीनी स्तर पर साकार करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हमारे (भाजपा के) विधायक, सांसद और स्थानीय निकायों एवं पंचायतों के प्रतिनिधि ‘अंत्योदय’ की इस भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस दृष्टिकोण से जोड़ना यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण होगा कि सरकारी कल्याण और विकास पहल अपने लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचें।
इस अवसर पर, नवीन ने जयपुर के अल्बर्ट हॉल में आयोजित ‘स्वच्छता सेवा अभियान’ में भी भाग लिया और स्वैच्छिक श्रमदान किया।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता एक प्रकार की सेवा है और लोगों से अपने आसपास को साफ रखने और यथासंभव श्रमदान के माध्यम से योगदान देने का आह्वान किया।
नवीन ने आगे कहा कि महात्मा गांधी ने न केवल भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका निभाई बल्कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी फैलाई।
