मुंबई: तरबूज खाने के बाद हुई मौत मामले में नहीं मिला ‘संक्रमण’, एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार

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मुंबई, 7 मई (आईएएनएस)। मुंबई के भिंडी बाजार इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमय मौत का मामला अभी तक सुलझा नहीं है। जेजे अस्पताल की माइक्रोबायोलॉजी रिपोर्ट में गुरुवार को तरबूज खाने के बाद उनके शवों में किसी भी प्रकार के संदिग्ध तत्व या जीवाणु संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं। रिपोर्ट को आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया है।

मुंबई पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतकों के पेट की सामग्री, रक्त के नमूनों और भोजन के अवशेषों की जांच में किसी भी प्रकार के सूक्ष्मजीव या संक्रमण की उपस्थिति नहीं पाई गई। रिपोर्ट ने किसी भी संक्रामक रोग की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिससे मामले का रहस्य और गहरा गया है। जांचकर्ता अब फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की आगामी रिपोर्ट पर पूरी तरह से निर्भर हैं, जिससे जांच की आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है।

मृतकों की पहचान नसीरिन डोकाडिया (35), आयशा डोकाडिया (16), अब्दुल्ला डोकाडिया (44) और जैनब डोकाडिया (12) के रूप में हुई है। परिवार के चारों सदस्यों को 26 अप्रैल को अचानक तबीयत बिगड़ने पर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

परिवार के सदस्यों के अनुसार पिछली रात तरबूज खाने के बाद सभी को उल्टी होने लगी थी। बताया जाता है कि इसके तुरंत बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक की जांच में किसी भी आपराधिक साजिश या संदिग्ध गतिविधि का कोई सबूत नहीं मिला है। हालांकि, मौत का सटीक कारण अभी तक अज्ञात है। अधिकारियों ने कहा कि वे फॉरेंसिक साइंस लैब से टॉक्सिकोलॉजी और अन्य वैज्ञानिक रिपोर्टों का इंतजार कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि मौतें किसी जहरीले पदार्थ या अन्य अज्ञात कारणों से हुई हैं या नहीं।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एफएसएल रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि क्या जहर या किसी अन्य बाहरी कारक के कारण मौतें हुईं।

फिलहाल, माइक्रोबायोलॉजी रिपोर्ट में संक्रमण की संभावना को खारिज करते हुए और कुछ भी संदिग्ध न पाते हुए भी, मामला रहस्य बना हुआ है। मुंबई पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही इस दुखद घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

जांच के तहत मुंबई पुलिस ने इस मामले से जुड़े 10 से अधिक व्यक्तियों के बयान दर्ज किए हैं। शुरू में बीमार पड़े चारों लोगों और उनका इलाज करने वाले स्थानीय डॉक्टर के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने तरबूज विक्रेता से लेकर पारिवारिक समारोह में मौजूद सभी लोगों से पूछताछ की है और उनके सभी बयान आधिकारिक तौर पर दर्ज कर लिए गए हैं।