भुवनेश्वर, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग ने बुधवार को लोक भवन में राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति से गुरुवार को ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र के एजेंडे पर चर्चा के लिए मुलाकात की।
महालिंग ने गवर्नर कंभमपति को ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र के एजेंडे और महत्व के बारे में जानकारी दी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह विशेष सत्र भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य शासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका को मजबूत करना है। बैठक के दौरान संसदीय कार्य मंत्री ने गवर्नर को सदन में उठाए जाने वाले मुख्य विषयों और प्रस्तावित चर्चाओं के बारे में अवगत कराया।
गवर्नर कंभमपति ने इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि ये चर्चाएं सार्थक और परिणाम उन्मुख होंगी।
उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया। गवर्नर ने विशेष सत्र के सुचारू संचालन और सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
इस बीच, पुलिस कमिश्नर सुरेश देव दत्ता सिंह ने अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर राज्य विधानसभा के विशेष सत्र के मद्देनजर विधानसभा में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सुरक्षा के लिए लगभग 30 प्लाटून तैनात की गई हैं, और लगभग 100 वरिष्ठ अधिकारी इन व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि 11 ‘क्विक रिस्पॉन्स टीमें’ (त्वरित प्रतिक्रिया दल) तैनात की गई हैं, जिनमें से सात विधानसभा परिसर के अंदर और चार आसपास के बाहरी क्षेत्रों में तैनात हैं।
महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर चर्चा करने के लिए 30 अप्रैल को ओडिशा विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया गया है।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी दल (जिनमें बीजू जनता दल और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस शामिल हैं) से उम्मीद है कि वे 30 अप्रैल को 17वीं ओडिशा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान ‘भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी’ विषय पर गहन चर्चा करेंगे।

