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त्रिपुरा में बीएसएफ जवानों पर हमले के मामले में एक और महिला गिरफ्तार

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अगरतला, 7 नवंबर (आईएएनएस)। त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले में बीएसएफ जवानों पर हुए हमले के मामले में एक और महिला को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है, जिनमें चार महिलाएं शामिल हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हसीना खातून नामक एक महिला को सिपाहीजला जिले के कलापनिया इलाके से गिरफ्तार किया गया है। उस पर भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे आशाबाड़ी गांव में 2 नवंबर को हुई घटना में शामिल होने का आरोप है। यह क्षेत्र कलमछौरा थाना के अंतर्गत आता है।

अधिकारी ने कहा, “2 नवंबर को बीएसएफ जवानों पर हुए हमले के बाद शुरू किया गया व्यापक तलाशी अभियान अभी भी जारी है। बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।”

अब तक गिरफ्तार सभी 19 आरोपियों, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं, के खिलाफ मादक द्रव्य एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा, “पुलिस और बीएसएफ संयुक्त रूप से संदिग्ध ठिकानों, घरों और दुकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं, ताकि आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके और अवैध रूप से रखे गए सामान तथा प्रतिबंधित वस्तुओं को जब्त किया जा सके।”

इस बीच, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति और घटना की समीक्षा के लिए वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ कई बैठकें भी कीं।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 2 नवंबर को हुई थी, जब बीएसएफ जवानों ने भारत-बांग्लादेश सीमा के पार गांजा (कैनाबिस) की तस्करी की कोशिश कर रहे कथित तस्करों के एक समूह को रोका था।

इसके बाद करीब 50 पुरुषों और महिलाओं की भीड़ ने कथित तौर पर बीएसएफ जवानों को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। इस हमले में एक कंपनी कमांडर सहित तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

आरोप है कि हमलावरों ने एक बीएसएफ जवान से पंप एक्शन गन (पीएजी) भी छीन ली और बीएसएफ के एक वाहन को नुकसान पहुंचाया। घटना में एक कथित हमलावर भी घायल हुआ था।

त्रिपुरा, खासकर सिपाहीजला जिला, लंबे समय से तस्करी की गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। यहां पहले भी सीमा पार तस्करी में शामिल संदिग्ध लोगों द्वारा बीएसएफ और पुलिस कर्मियों पर हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि संगठित सीमा पार तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को गंभीर जोखिमों का सामना करना पड़ता है।

त्रिपुरा की 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है और राज्य तीन तरफ से पड़ोसी देश से घिरा हुआ है। भौगोलिक स्थिति के कारण यह क्षेत्र सीमा पार तस्करी, अवैध आवाजाही और अन्य अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है।

हालांकि, कुछ हिस्सों को छोड़कर अधिकांश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाई जा चुकी है, ताकि तस्करी, अवैध घुसपैठ और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।