विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की: सीएम भजनलाल शर्मा

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जयपुर, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को विपक्षी दलों पर महिलाओं के अधिकारों और आकांक्षाओं को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के लिए पूर्ण अधिकार और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जयपुर में ‘महिला जन आक्रोश यात्रा’ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 अप्रैल को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से संबंधित संशोधन विधेयक का पारित होना महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होना चाहिए था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे पटरी से उतारने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि वंशवादी सोच वाली पार्टियों ने संसद में इस कानून का विरोध किया। उन्हें अब पूरे देश की महिलाओं की ओर से कड़ा जवाब मिलेगा। हमारी संस्कृति में महिलाओं को हमेशा सर्वोच्च स्थान मिला है। सरकार यह कानून इसलिए लाई ताकि नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके, लेकिन कुछ पार्टियों ने इसमें बाधा डालने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि हमारे समाज में महिलाओं की गरिमा को हमेशा से ही सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हमारी भाजपा सरकार ने नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए देश की सर्वोच्च विधायी संस्था, संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पेश किया। हालांकि, वंशवादी मानसिकता से प्रेरित राजनीतिक दलों ने संसद के भीतर एकजुट होकर इस कानून को विफल करने और इसे पटरी से उतारने की साजिश रची। महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालने और आधी आबादी के सपनों को कुचलने की इस साजिश के लिए विपक्ष को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के अहम फैसलों का विरोध करने के लिए विपक्ष की आलोचना भी की, जिनमें अनुच्छेद 370 को हटाना और समान नागरिक संहिता लागू करना शामिल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान विपक्षी नेताओं ने भारतीय सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। 2014 से केंद्र सरकार की पहलों पर रोशनी डालते हुए सीएम शर्मा ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘लखपति दीदी’ और ‘प्रधानमंत्री जन-धन योजना’ शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि नेतृत्व और शासन में महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित भारत और विकसित राजस्थान का सपना पूरा नहीं हो सकता।

उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए महिला आरक्षण विधेयक पर उनके रुख को दुर्भाग्यपूर्ण और महिलाओं का अपमान बताया।

‘महिला जन आक्रोश यात्रा’ में कई नेताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें राज्य मंत्री मंजू बाघमार, सांसद मंजू शर्मा और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ शामिल थीं। इसके अलावा, पार्टी कार्यकर्ता और समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाएं भी मौजूद रहीं।