गुवाहाटी, 4 मई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा उनके परिवार पर की गई टिप्पणियों ने जनता की भावनाओं को भड़काया है। उनका यह कृत्य विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शानदार जीत में परिलक्षित हुआ।
असम विधानसभा चुनावों में भाजपा की शानदार जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने खेड़ा द्वारा उनकी पत्नी, रिनिकी भुयान सरमा के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों का जिक्र किया और कहा कि इस मुद्दे ने राज्य की जनता को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया है।
उन्होंने सुझाव दिया कि चुनाव प्रचार के दौरान इस तरह के व्यक्तिगत हमलों ने जनमानस और चुनावी परिणामों को प्रभावित किया है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है, लेकिन परिवार के सदस्यों को बहस में घसीटना जनता को स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियों से लोगों की भावनाएं आहत हुईं। असम की जनता ने अपने तरीके से जवाब दिया। उन्होंने आगे कहा कि मतदाताओं ने भाजपा का डटकर समर्थन किया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस की चुनाव प्रचार रणनीति मतदाताओं को प्रभावित करने में विफल रही।
मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, यह फैसला उनके द्वारा ‘नकारात्मक राजनीति’ करार दी गई नीति की अस्वीकृति को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि चुनाव प्रचार के दौरान यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया था और कई मतदाताओं ने इन टिप्पणियों पर असहमति व्यक्त की थी।
उन्होंने कहा कि इससे विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के समर्थन को मजबूत करने में मदद मिली।
हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी रिनिकी सरमा द्वारा दायर एक मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दी।
यह मामला रिनिकी सरमा द्वारा गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है।

