Thursday, May 28, 2026
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पीएम मोदी पूर्वोत्तर को उच्च मूल्य कृषि उत्पादों का हब बनाना चाहते हैं: सिंधिया

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नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन पूर्वोत्तर क्षेत्र को उच्च मूल्य वाले कृषि और बागवानी उत्पादों का बड़ा केंद्र बनाना है।

सिंधिया ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक साहा और राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ के साथ मिलकर 236 करोड़ रुपये की ‘मिशन क्वीन पाइनएप्पल, त्रिपुरा’ योजना की शुरुआत की।

इस दौरान उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत त्रिपुरा की कृषि क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी ब्रांड में बदला जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को उत्पादन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और निर्यात सहित पूरी वैल्यू चेन का सक्रिय भागीदार बनाना है।

यह मिशन वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही से वित्त वर्ष 2028 की चौथी तिमाही तक तीन वर्षों की कार्ययोजना के तहत लागू किया जाएगा। इसका लक्ष्य जीआई टैग प्राप्त त्रिपुरा की प्रसिद्ध ‘क्वीन पाइनएप्पल’ को वैश्विक पहचान दिलाना है।

यह मिशन पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) के नेतृत्व में चलाया जाएगा। इसमें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, एपीडा, डीपीआईआईटी, आईसीएआर, सीएसआईआर, ट्राइफेड, नेरामैक और त्रिपुरा सरकार की विभिन्न योजनाओं का समन्वय किया जाएगा।

सिंधिया ने कहा कि मिशन के तहत खेत से लेकर वैश्विक बाजार तक एक मजबूत वैल्यू चेन विकसित की जाएगी ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

उन्होंने बताया कि त्रिपुरा की क्वीन पाइनएप्पल अपनी खास खुशबू, कम रेशेदार बनावट और जीआई पहचान के बावजूद किसानों को अभी सामान्य फसल जैसा मूल्य ही दिला पा रही है। मिशन के जरिए बाजार से जुड़ाव और आधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से इस स्थिति को बदला जाएगा।

मिशन के तहत अगरतला एयरपोर्ट के पास एक केंद्रीय हब और पश्चिम त्रिपुरा, खोवाई तथा सिपाहीजला जिलों में आठ संग्रह केंद्र विकसित किए जाएंगे। यहां ग्रेडिंग, कोल्ड स्टोरेज, रीफर लॉजिस्टिक्स, सोलर कोल्ड स्टोरेज, इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित फार्म मॉनिटरिंग और डिजिटल ट्रैसेबिलिटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सिंधिया ने यह भी बताया कि नलकाटा पाइनएप्पल प्रोसेसिंग यूनिट को पुनर्जीवित किया जाएगा, जिसे नेरामैक और निजी भागीदारों की मदद से संचालित किया जाएगा। यह यूनिट पाइनएप्पल आधारित उत्पादों के बड़े स्तर पर प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन का काम करेगी।

उन्होंने कहा कि पाइनएप्पल पौधे के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से को, जिसे अभी बेकार फेंक दिया जाता है, ब्रोमेलिन निष्कर्षण, पाइनएप्पल लीफ फाइबर (पीएएलएफ) और जीआई ब्रांडेड उत्पादों के जरिए उपयोग में लाया जाएगा। इससे महिला स्वयं सहायता समूहों, जनजातीय समुदायों और ग्रामीण उद्यमियों को नए रोजगार के अवसर मिलेंगे।