बेंगलुरु, 25 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस सवाल पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव क्यों नहीं हारते?
केंद्रीय मंत्री ने इसे अजीब सवाल बताया और पूछा कि कांग्रेस अपनी हार के लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार क्यों ठहरा रही है?
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जोशी ने कहा, “पीएम मोदी क्यों नहीं हारे? राहुल गांधी यह सवाल पूछते हैं। यह कैसा अजीब सवाल है? आप अपनी हार का ठीकरा उन पर क्यों फोड़ रहे हैं?”
उन्होंने अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए पूछा कि कांग्रेस कर्नाटक, तमिलनाडु, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में क्यों नहीं हारी?
जोशी ने सूखे की स्थिति से निपटने के कर्नाटक सरकार के तरीके की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सूखे के संकट को लेकर गंभीर नहीं है और अपनी कमियों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के तहत सहायता मांगने से पहले राज्य सरकार को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से राशि जारी करनी चाहिए। पहले बीएस येदियुरप्पा और बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली सरकारों ने एसडीआरएफ से राशि जारी की और उसके बाद केंद्र से संपर्क किया था। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को पुराने रिकॉर्ड देखने चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने किसानों के लिए निर्धारित एसडीआरएफ का पैसा भी खत्म कर दिया है और अपनी वित्तीय परेशानियों को छिपाने के लिए केंद्र सरकार पर आरोप लगा रही है।
जोशी ने आगे दावा किया कि सूखा प्रभावित तालुकों की पहचान भी राजनीतिक आधार पर की जा रही है। जिन विधायकों ने इस्तीफा देने की धमकी दी, उनके विधानसभा क्षेत्रों को सूखा प्रभावित इलाकों की सूची में शामिल किया जा रहा है। केंद्र सरकार कर्नाटक के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय टीम द्वारा सूखे की स्थिति का आकलन किए जाने के बाद एनडीआरएफ के तहत सहायता देने पर विचार किया जाएगा।
किसानों की कर्ज माफी की मांग पर जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार कर्नाटक के लोगों के हित में उचित कदम उठाएगी। जोशी ने कांग्रेस सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वित्त विभाग ने खुद योजनाओं के लिए पर्याप्त पैसा नहीं होने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में महत्वपूर्ण पदों की ‘नीलामी’ की जा रही है और भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर फैला हुआ है।
उन्होंने एक मामले का जिक्र करते हुए दावा किया कि जमीन के रिकॉर्ड में सुधार के लिए तहसीलदार ने कथित तौर पर 50 लाख रुपए की मांग की थी।
कस्तूरीरंगन रिपोर्ट को लेकर भी जोशी ने राज्य सरकार पर जिम्मेदारी केंद्र पर डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर्यावरण से जुड़े अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद इस मामले में फैसला करेगी।
