Friday, June 26, 2026
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पंजाब पुलिस की साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 63,749 बैंक अकाउंट फ्रीज

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चंडीगढ़, 26 जून (आईएएनएस)। पंजाब पुलिस स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने पिछले एक साल में साइबर फ्रॉड से जुड़े 63,749 बैंक अकाउंट फ्रीज किए हैं, जिनमें लगभग 540.34 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ था। यह जानकारी डीजीपी गौरव यादव ने शुक्रवार को दी।

2024 से अब तक लगभग 64 करोड़ रुपए रिकवर करके पीड़ितों को वापस किए गए हैं, जिसमें 1 जनवरी, 2025 से अब तक रिकवर किए गए लगभग 38.42 करोड़ रुपए भी शामिल हैं। इस दौरान राज्य भर में साइबर क्राइम के 62,253 मामले दर्ज किए गए हैं।

पिछले वित्तीय वर्ष में फ्रॉड से हासिल रकम को सफलतापूर्वक फ्रीज करने का प्रतिशत 16.13 से बढ़कर 23.43 प्रतिशत हो गया, जो फाइनेंशियल रिकवरी में बड़ी सुधार को दिखाता है।

डीजीपी यादव ने कहा, “साइबर फ्रॉड करने वाले गैंग्स के खिलाफ बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई से न केवल पंजाब पुलिस हजारों फ्रॉड वाले बैंक अकाउंट फ्रीज करने और ठगी गई रकम को रिकवर करने में कामयाब रही है, बल्कि इससे देश भर में चल रहे ऑर्गनाइज्ड साइबर क्राइम नेटवर्क का पर्दाफाश करने में भी मदद मिली है।”

उन्होंने कहा, “हमारी जांच से साइबर क्रिमिनल्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों, फाइनेंशियल ट्रेल्स और अलग-अलग राज्यों के बीच कनेक्शन की पहचान करने में बड़ी कामयाबी मिली है। समय पर दखल, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और बारीकी से फाइनेंशियल ट्रैकिंग के जरिए, साइबर क्राइम डिवीजन फ्रॉड नेटवर्क को तोड़ने, नागरिकों की बचत को सुरक्षित रखने और दोषियों को सजा दिलाने में सफल रहा है।”

जिलों में, जालंधर कमिश्नरेट में सबसे ज्‍यादा 16,032 अकाउंट फ्रीज किए गए, जिससे 6,81,00,323 रुपए रिकवर हुए। इसके बाद कपूरथला में 7,344 अकाउंट फ्रीज किए गए और 2,56,00,037 रुपए रिकवर हुए। होशियारपुर में 7,201 अकाउंट फ्रीज किए गए, जिससे 3,96,29,152 रुपए रिकवर हुए, जबकि फिरोजपुर में 6,930 अकाउंट फ्रीज किए गए, जिससे 93,16,954 रुपए रिकवर हुए।

डीजीपी ने बताया कि राज्य के साइबर क्राइम डिवीजन ने कनाडा में रहने वाले एक पंजाबी व्यक्ति से जुड़े साइबर उगाही के मामले को सुलझा लिया है। पीड़ित से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया गया और ऑनलाइन ‘अरदास’ के बहाने निजी समस्याओं को हल करने का झांसा दिया गया। उन्हें एक वीडियो शेयर करने के लिए मनाया गया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया।

शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, साइबर क्राइम डिवीजन ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया और 3,49,100 रुपए के साथ 500 डॉलर बरामद किए।

यह मामला उन कई सफल ऑपरेशन्स में से एक है, जिन्हें डिवीजन ने हाल के महीनों में अंजाम दिया है।

स्पेशल डीजीपी (साइबर क्राइम) वी. नीरजा ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों से निपटने के अलावा, राज्य का साइबर क्राइम डिवीजन नागरिकों को स्कैमर्स (धोखाधड़ी करने वालों) के जाल से बचने के बारे में जागरूक करने की दिशा में भी काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, “पुलिस युवाओं को फेक ऑनलाइन ग्रूमिंग, साइबर बुलिंग, उगाही, फेक दोस्ती और गेमिंग प्लेटफॉर्म के बारे में जागरूक करने पर भी ध्यान दे रही है, क्योंकि इनसे संवेदनशील निजी जानकारी शेयर होने का खतरा हो सकता है।”

नीरजा के मुताबिक, लगातार की जा रही कार्रवाई और बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान, साइबर अपराध से निपटने, नागरिकों की बचत को सुरक्षित रखने और राज्य भर में डिजिटल लेन-देन में भरोसा मजबूत करने की पंजाब पुलिस की बहुआयामी रणनीति को दर्शाते हैं।