जयपुर, 22 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को जोधपुर दौरे के दौरान पश्चिमी राजस्थान के लिए रेलवे विकास से जुड़ी कई प्रमुख रेलवे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शुभारंभ किया, जिससे क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी, यात्री सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
इन घोषणाओं में जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार, साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस नामक सुपरफास्ट ट्रेन का जैसलमेर तक विस्तार और जालोर से नई भुज-दिल्ली एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ शामिल है।
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस का आठ रेलवे कोचों से बढ़ाकर 20 कोचों तक करना था, जिससे यात्री क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और यह 530 सीटों से बढ़कर 1,440 सीटें हो गई।
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए जोधपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को 8 कोचों से बढ़ाकर 20 कोचों का किया जा रहा है। इसके साथ ही जैसलमेर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा भी शुरू कर दी गई है, जिससे पश्चिमी राजस्थान की कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा।
मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन 8 डिब्बों के साथ किया था, लेकिन यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए अब इसे 20 कोचों तक अपग्रेड किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और यात्रा अधिक आरामदायक होगी।
रेल मंत्री ने बताया कि जोधपुर के भगत की कोठी स्टेशन कर करीब 400 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से एक विशाल कोचिंग टर्मिनल विकसित किया जाएगा, जिससे भविष्य में यहां से कई नई ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। वहीं, जैसलमेर में भी नया कोचिंग केयर सेंटर शुरू किया जा रहा है। इससे पश्चिमी राजस्थान से देश के अलग-अलग शहरों के लिए नई रेल सेवाएं शुरू करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जोधपुर से चेन्नई, पुणे और हैदराबाद के लिए नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गई हैं, जिसका सीधा लाभ राजस्थान के लोगों को मिल रहा है। आने वाले समय में हरिद्वार के लिए भी नई ट्रेन सेवा शुरू करने पर काम चल रहा है, क्योंकि इसकी लंबे समय से मांग की जा रही है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर के रेलवे स्टेशनों के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण का ऐतिहासिक कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि जोधपुर रेलवे स्टेशन का विकास यहां की ऐतिहासिक स्थापत्य कला, संस्कृति और विरासत को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के कई रेलवे स्टेशन तेजी से आधुनिक रूप ले रहे हैं। जैसलमेर स्टेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि जयपुर रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक और आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है। इसके अलावा पाली और गंगानगर सहित कई अन्य स्टेशनों पर भी निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान में रेलवे विकास के लिए लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का बजट दिया है, जिसके तहत राज्यभर में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे ये परियोजनाएं पूरी होंगी, राजस्थान के लोगों को आधुनिक रेलवे सुविधाएं मिलेंगी और राज्य की कनेक्टिविटी पहले से कहीं बेहतर होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में राजस्थान से 200 से अधिक नई ट्रेन सेवाएं शुरू होने की संभावना है। साथ ही जोधपुर में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के टर्मिनल पर भी काम किया जा रहा है, जिससे पश्चिमी राजस्थान की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जिस तरह से पुणे, चेन्नई और हैदराबाद के लिए नई ट्रेनें शुरू हुई हैं, उसी तरह भविष्य में और भी कई शहरों के लिए नई रेल सेवाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान देश के प्रमुख शहरों से बेहतर तरीके से जुड़ पाएंगे और यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

