Tuesday, June 2, 2026
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ओडिशा में आपदा प्रबंधन विशेषज्ञता के लिए ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण सम्मेलन

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भुवनेश्वर, 1 जून (आईएएनएस)। ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने सोमवार को कहा कि आपदा की तैयारी और चक्रवात प्रबंधन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विशेषज्ञता के कारण ओडिशा को भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) कार्य समूह की पहली प्रत्यक्ष तकनीकी बैठक की मेजबानी के लिए चुना गया है।

भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने 29-30 अप्रैल 2026 को वर्चुअल रूप से आयोजित ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह की पहली तकनीकी बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सदस्य देशों को आपदा से निपटने की क्षमता पर एक साझा एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ लाया गया।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) कार्य समूह की पहली प्रत्यक्ष तकनीकी बैठक 3 से 5 जून तक आयोजित होने वाली है। यह बैठक ओडिशा के पुरी स्थित ताज पुरी रिसॉर्ट में होगी। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी 4 जून को कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे।

सुरेश पुजारी ने सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधि, नीति निर्माता और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ एक साथ आएंगे और आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करने और आपदा जोखिम न्यूनीकरण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।

तीन दिवसीय तकनीकी बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों और सहयोगी देशों के कई प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। भारत सरकार, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और तकनीकी विशेषज्ञों के प्रतिनिधि भी विचार-विमर्श में भाग लेंगे।

ओडिशा की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए पुजारी ने कहा कि राज्य ने समय पर निकासी, प्रभावी तैयारी और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से पिछले दो दशकों में कई बड़े चक्रवातों और प्राकृतिक आपदाओं का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक ओडिशा को आपदा प्रबंधन में अपनी विशेषज्ञता प्रदर्शित करने और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने का अवसर प्रदान करेगी। चर्चा में सतत आपदा जोखिम न्यूनीकरण वित्तपोषण, लचीला बुनियादी ढांचा, पूर्वानुमानित प्रतिक्रिया और आपदा से निपटने की रणनीतियों में पारंपरिक ज्ञान के एकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिनिधिमंडल को चक्रवात आश्रयों और आपदा प्रबंधन सुविधाओं का अध्ययन भ्रमण कराया जाएगा, ताकि उन्हें ओडिशा की आपदा तैयारी मॉडल का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हो सके। प्रतिनिधिमंडल के लिए एक दर्शनीय स्थलों की यात्रा का कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया है।

विभागीय सचिवों और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी 4 जून को आयोजित औपचारिक रात्रिभोज के दौरान प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे।

मंत्री ने कहा, “भाग लेने वाले देशों के बीच विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान आपदा की तैयारी और उससे निपटने की क्षमता को और मजबूत करेगा। ओडिशा को इन आदान-प्रदानों से लाभ होगा। साथ ही प्रतिनिधिमंडल राज्य के सिद्ध आपदा प्रबंधन मॉडल से बहुमूल्य जानकारी प्राप्त करेगा।”