कोलकाता, 4 सितंबर (आईएएनएस)। आरजी कर रेप और हत्या मामले में पीड़िता के शव के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने की साजिश में गिरफ्तार आरोपी सोमनाथ डे को अदालत ले जाते वक्त स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा।
उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व प्रमुख सोमनाथ डे को पुलिस ने गुरुवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर शुक्रवार सुबह कोलकाता लेकर आई।
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उसे खड़दह पुलिस स्टेशन लाया गया। उसकी गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए।
जब पुलिस उसे स्टेशन से बाहर लेकर आ, तो लोगों ने उसकी ओर अंडे और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। उसे बचाने के लिए पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसके सिर पर हेलमेट पहना दिया।
हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि इस हमले में सोमनाथ डे घायल हुआ या नहीं, लेकिन उसे बचाने के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं। बाद में सोमनाथ डे को बैरकपुर अदालत में पेश किया गया।
पुलिस ने अदालत से अनुरोध किया है कि शव के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार की साजिश में भूमिका को लेकर पूछताछ के लिए सोमनाथ डे को पुलिस हिरासत में दिया जाए।
इस मामले में इससे पहले दो अन्य सह आरोपी, पानीहाटी के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक निर्मल घोष और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा जल्दबाजी में अंतिम संस्कार की साजिश की जांच शुरू किए जाने के बाद सोमनाथ डे फरार हो गया था।
8 अगस्त को आरजी कर रेप और हत्या पीड़िता की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मामले की दोबारा जांच कराने की घोषणा की थी। आरोप है कि पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार इसलिए जल्दबाजी में कराया गया ताकि दोबारा पोस्टमार्टम की संभावना खत्म हो जाए।
इसके बाद बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के तहत खड़दह पुलिस स्टेशन में पीड़िता के पिता की नई शिकायत के आधार पर निर्मल घोष, संजीव मुखर्जी और सोमनाथ डे के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की गई।
शुरुआत में तीनों आरोपी फरार हो गए थे। पिछले महीने निर्मल घोष को पड़ोसी राज्य ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद संजीव मुखर्जी को कोलकाता के चिनार पार्क क्षेत्र के एक घर से गिरफ्तार किया गया।
वहीं, सोमनाथ डे लंबे समय तक फरार रहने के बाद आखिरकार बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया।
9 अगस्त 2024 की सुबह कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार हॉल से एक महिला डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। जांच में सामने आया कि उसकी एक रात पहले बेरहमी से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।
इसके बाद आरोप लगे कि पीड़िता के शव को जल्दबाजी में पानीहाटी के श्मशान घाट ले जाकर सभी निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए अंतिम संस्कार कर दिया गया। आरोप है कि पूरे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की निगरानी निर्मल घोष, संजीव मुखर्जी और सोमनाथ डे ने की थी।
