सूरत, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात में सूरत शहर के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने फूड एंड ड्रग्स डिपार्टमेंट के साथ मिलकर सलाबतपुरा-मंदरवाजा इलाके में दो मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। इन स्टोर पर आरोप था कि वे बिना डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन के नशीली दवाएं बेच रहे थे।
पुलिस ने 18,316 टैबलेट और कोडीन सिरप की तीन बोतलें जब्त कीं, जिनकी कुल कीमत 2.75 लाख रुपए है।
यह कार्रवाई बुधवार को दो मेडिकल स्टोर पर की गई। ये स्टोर किन्नारी से भाथेना की ओर जाने वाली 80 फीट रोड पर हलपति कॉलोनी में स्थित हैं।
एसओजी के मुताबिक, यह कार्रवाई सूरत पुलिस कमिश्नर वाबांग जमीर के निर्देशों के बाद की गई। कमिश्नर ने उन मेडिकल स्टोर की पहचान करने का निर्देश दिया था जो नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना प्रिस्क्रिप्शन के नशीले सिरप और टैबलेट बेच रहे थे। पुलिस ने कहा कि ऐसी दवाओं का नशा करने के लिए गलत इस्तेमाल हो सकता है।
एसओजी के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस राजदीपसिंह नाकुम ने इस ऑपरेशन की देखरेख की, जबकि एसओजी पुलिस इंस्पेक्टर एएस सोनारा ने उन मेडिकल स्टोर पर नजर रखने के लिए अलग-अलग टीमें बनाईं, जिन पर नशीली दवाओं को बेचने का शक था।
एसओजी ने बताया कि उन्हें खबर मिली थी कि सलाबतपुरा-मंदरवाजा इलाके के दो मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टर की पर्ची के नशीली दवाएं बेची जा रही थीं। इस जानकारी के आधार पर एसओजी के कर्मचारियों ने फूड एंड ड्रग्स इंस्पेक्टर जीयू उपाध्याय, जीलबेन गमेती और पिनलबेन ववैया के साथ मिलकर छापेमारी की।
जांच के दौरान फूड एंड ड्रग्स डिपार्टमेंट को ऐसी दवाइयां मिलीं जिन्हें नियमों के खिलाफ रखा गया था और जिनका इस्तेमाल नशे के लिए किया जा सकता था।
जब्त किए गए स्टॉक में 1,440 पायवॉन सैस प्लस टैबलेट, 144 स्पाज ट्रेसेंप टैबलेट, 6,920 स्पैस्मो प्रॉक्सीवॉन टैबलेट, 750 एपोकोलम टैबलेट, 3,840 कैलिक टैबलेट, 5,200 प्रेगाबालिन टैबलेट और 20 प्रेगाउट किट टैबलेट शामिल थे। इसके अलावा, कोडीन सिरप की तीन बोतलें भी बरामद की गईं।
फूड एंड ड्रग्स डिपार्टमेंट ने दोनों मेडिकल स्टोर से बरामद स्टॉक की आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि अगर दवाइयां गैर-कानूनी तरीके से रखी या बेची जाती पाई गईं तो दोनों मेडिकल स्टोर के लाइसेंस होल्डर्स और चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसओजी ने कहा कि यह ऑपरेशन उन मेडिकल स्टोर की पहचान करने के लिए चलाया गया था जो ऐसी दवाइयां गैर-कानूनी तरीके से बेच रहे थे जिनका नशा करने के लिए गलत इस्तेमाल हो सकता है।
