विजयवाड़ा, 21 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सोमवार को यहां एक अदालत में गडे साई कृष्णा की कथित हिरासत में मौत के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया।
आरोपपत्र में तत्कालीन कृष्णालंका पुलिस स्टेशन के सर्किल इंस्पेक्टर (स्टेशन हाउस ऑफिसर) एसएसवीवी. नागराजू और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
एसआईटी ने साई कृष्णा (25) की गिरफ्तारी, हिरासत में उनके साथ हुए शारीरिक अत्याचार जिसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हुई, और सबूत नष्ट करने के लिए आरोपियों द्वारा शव का अंतिम संस्कार करने के सबूत पेश किए।
हेड कांस्टेबल अशोक कुमार और नानी, नागराजू के सहयोगी गुलिविंदला सुरेश, कांस्टेबल बाबू राव और सांबैया, और होम गार्ड वेंकट अन्य आरोपी हैं।
साई कृष्णा को 6 मई को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसके बाद से वह लापता हैं। उनके परिवार का आरोप है कि लॉकअप में उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उनके शव को श्मशान घाट में विसर्जित कर दिया गया।
साई कृष्णा की माता विजया लक्ष्मी की शिकायत पर 19 जून को भारत न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127 (4), 127 (6), 103 (1) और 238 के तहत मामला दर्ज किया गया। विजया लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को हिरासत में यातनाएं दी गईं और पीट-पीटकर मार डाला गया।
जब उसने उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, तो राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) एम. रवि प्रकाश के नेतृत्व वाले एसआईटी ने 21 जून को निलंबित एसएचओ को गिरफ्तार किया।
सुरेश के अदालत में आत्मसमर्पण करने के चार दिन बाद आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
एसआईटी के अनुसार, सुरेश ने कबूल किया कि उसने पूछताछ के दौरान साई कृष्णा को पुलिस स्टेशन में और बाद में रानीगरी थोता स्थित एक निजी घर में देखा था, जहां कथित तौर पर 12 मई को उसकी मृत्यु हो गई थी।
सुरेश ने एसआईटी को बताया कि नागराजू, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार और नानी ने सबूत मिटाने के लिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।
जांच में पता चला कि एनटीआर कमिश्नरेट के टास्क फोर्स पुलिस ने कृष्णालंका पुलिस के साथ मिलकर 5 मई, 2026 को मार्कपुरम जाकर साई कृष्णा को हिरासत में लिया, जिसके खिलाफ दो गैर-जमानती वारंट लंबित थे। उसे अगले दिन कृष्णालंका पुलिस को सौंप दिया गया।
सुरेश ने एसआईटी को बताया कि जब वह 12 मई को पुलिस स्टेशन गया, तो नागराजू उसे रानीगरी थोता स्थित एक निजी खाली इमारत में ले गया, जहां साई कृष्णा को 12 मई को दयनीय हालत में देखा गया। पीड़ित ने कथित तौर पर सुरेश को बताया कि जब से उसे पुलिस स्टेशन लाया गया है, तब से उसे प्रतिदिन बुरी तरह पीटा जा रहा है।
