जयपुर, 7 नवंबर (आईएएनएस)। राजस्थान के झालावाड़ में वेश्यावृत्ति रैकेट से छह नाबालिग बच्चियों को बचाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने झालावाड़ जिले के भवानीमंडी इलाके में पारंपरिक बस्तियों (डेरों) की आड़ में चल रहे एक देह व्यापार (वेश्यावृत्ति) रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
इस मामले में परिवारों द्वारा अपनी ही नाबालिग बेटियों की तस्करी करने की बात सामने आई है। पुलिस ने 12 से 17 वर्ष की छह लड़कियों को बचाया और पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कुछ पीड़ितों की माताएं और कथित बिचौलिए शामिल हैं।
मेडिकल जांच से पुष्टि हुई है कि पांच बच्चियों के साथ बार-बार यौन शोषण किया गया था। वहीं, दो लड़कियां यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) से पीड़ित पाई गईं।
एसपी अमित बुढानिया ने बताया कि 7 अक्टूबर को मिली एक गुप्त शिकायत के बाद जांच शुरू की गई थी। शुरुआती जांच से पता चला कि भवानीमंडी इलाके की बस्तियों में रहने वाले परिवार पारंपरिक रीति-रिवाजों की आड़ में अपनी नाबालिग बेटियों को देह व्यापार के लिए मजबूर कर रहे थे।
रैकेट का खुलासा होने के बाद पुलिस ने प्रोबेशनरी आईपीएस अधिकारी आयुष श्रोत्रिय के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी के दो लोगों को गुप्त तरीके से बस्तियों में तैनात किया गया। बताया जा रहा है कि उनके इस ऑपरेशन के दौरान देह व्यापार रैकेट से जुड़े लेन-देन के डिजिटल सबूत मिले हैं।
इस गुप्त ऑपरेशन के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर पुलिस ने 15 टीमों में 100 से अधिक जवानों को तैनात किया और इन बस्तियों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान छह नाबालिग लड़कियों को बचाया गया।
फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए और काफी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। मेडिकल बोर्ड की जांच से पुष्टि हुई कि बचाई गई लड़कियों में से पांच का बार-बार यौन शोषण किया गया था। दो लड़कियों में यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) भी पाया गया।
जांच के दौरान लिए गए नमूनों के फोरेंसिक विश्लेषण में पुरुषों का डीएनए मिला है। चार मामलों की रिपोर्टों में मिश्रित पुरुष डीएनए की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। यह जांच के लिए अहम सबूत है।
पुलिस के अनुसार, एफएसएल ने 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप दी। पुलिस ने ‘इम्मोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट’ की धाराओं 3, 4 और 5 तथा ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस’ (पोक्सो) एक्ट की धाराओं 5/6, 11/12 और 17 के तहत मामला दर्ज किया है।
बचाई गई बच्चियों को सुरक्षा और पुनर्वास के लिए एक बालिका आश्रय गृह (शेल्टर होम) में भेज दिया गया है। पांचों आरोपियों को पुलिस की हिरासत में रखा गया है और उनसे आगे की पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड पर रखा गया है। इस रैकेट के पूरे दायरे का पता लगाने और उन अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच चल रही है, जो नाबालिग लड़कियों के शोषण और तस्करी में शामिल हो सकते हैं।
