मोगादिशु, 27 जून (आईएएनएस)। सोमालिया की राष्ट्रीय सेना (एसएनए) और उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने दक्षिणी सोमालिया के मिडिल शबेले इलाके में एक संयुक्त अभियान के दौरान अल-शबाब के 30 लड़ाकों को मार गिराया। अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस अभियान में लड़ाकों के दो वाहन भी नष्ट कर दिए गए। इसके अलावा हथियार, गोला-बारूद और दूसरी जरूरी सामग्री भी बरामद कर नष्ट की गई, जिनका इस्तेमाल हमलों की योजना बनाने में किया जाता था।
यह सैन्य अभियान मंगलवार और बुधवार को चलाया गया। इसमें खास तौर पर अल-शबाब के उन ठिकानों और प्रशिक्षण केंद्रों को निशाना बनाया गया, जहां लड़ाके जुटते थे और ट्रेनिंग लेते थे।
मंत्रालय ने बताया कि जिन जगहों पर कार्रवाई की गई, वहां अल-शबाब अपने सैन्य सामान और दूसरी जरूरी सामग्री जमा करके रखता था।
रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सोमालिया का साथ देने वाले अंतरराष्ट्रीय साझेदारों का धन्यवाद करते हैं। उनके लगातार सहयोग की वजह से इन अभियानों को सफल बनाने में बड़ी मदद मिली है।”
अल-शबाब की ओर से इस अभियान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब सोमालिया की विशेष सैन्य इकाइयों और उनके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने लड़ाकों के खिलाफ जमीनी अभियान तेज कर दिए हैं।
पिछले महीने भी सोमालिया की राष्ट्रीय सेना ने साउथवेस्ट स्टेट के बैदोआ शहर के बाहरी इलाके में एक संयुक्त अभियान के दौरान अल-शबाब के 50 आतंकियों को मार गिराया था, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।
रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि उस अभियान में आतंकियों के कई लड़ाकू वाहन, हथियारों के ठिकाने और दूसरे सैन्य उपकरण भी नष्ट कर दिए गए थे।
मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि साउथवेस्ट स्टेट के पूर्व नेता अब्दियाजीज हसन मोहम्मद के समर्थक हथियारबंद समूह सीधे तौर पर अल-शबाब के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हालांकि, मोहम्मद ने इन आरोपों से इनकार किया है।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “सरकार साफ करना चाहती है कि वह किसी भी व्यक्ति या समूह को राजनीतिक मकसद से हथियारबंद गुटों का इस्तेमाल करने या देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं देगी। जो भी लड़ाकों का साथ देगा या उन्हें किसी भी तरह की मदद पहुंचाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं, अल-शबाब ने दावा किया है कि उसने सुबह किए गए घात लगाकर हमले में एसएनए के दो वरिष्ठ कमांडरों को मार दिया और सेना के पीछे हटने के दौरान चार सैन्य परिवहन वाहनों पर कब्जा कर लिया।

