श्रृंगेरी में वोटों की दोबारा गिनती पर विवाद: कांग्रेस ने पोस्टल बैलेट में छेड़छाड़ का लगाया आरोप

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बेंगलुरु, 5 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्‍यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने मंगलवार को श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में वोटों की दोबारा गिनती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में डाले गए पोस्टल बैलेट के साथ छेड़छाड़ की गई और बाद में उन्हें अमान्य घोषित कर दिया गया। उन्होंने आगे कानूनी लड़ाई लड़ने का भी वादा किया।

दरअसल, श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र के लिए पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती में भाजपा उम्मीदवार डीएन जीवराज ने मौजूदा कांग्रेस विधायक टीडी राजेगौड़ा को हराकर जीत हासिल की है।

बेंगलुरु में मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘कृष्णा’ में शिवकुमार ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि ये घटनाक्रम अभूतपूर्व हैं और एक गंभीर चुनावी अपराध की श्रेणी में आते हैं। देश में कहीं भी ऐसी घटना नहीं हुई है। हम इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि पोस्टल बैलेट आमतौर पर दोनों पार्टियों के एजेंटों और चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में खोले जाते हैं, और गिनती से पहले उन्हें मान्य किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा उम्मीदवार ने अधिकारियों का दुरुपयोग करके पोस्टल बैलेट में फेरबदल किया।

उन्होंने कहा कि उन्होंने विशेष रूप से वोटों के कुछ बंडलों की दोबारा गिनती पर जोर दिया। इस कदाचार में अधिकारियों और भाजपा उम्मीदवार, दोनों की संलिप्तता प्रतीत होती है। एक गहन और गंभीर जांच आवश्यक है।

शिवकुमार ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप और न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया और इस घटना को ‘देश की सबसे बड़ी साजिशों में से एक’ बताया।

उन्होंने कर्नाटक में भाजपा पर कथित गलत काम में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस कानूनी तरीकों से इस मामले को आगे बढ़ाएगी।

उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि राजनीति कैसे की जाती है।”

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने भी श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी कदाचार के गंभीर आरोप लगाए, और दावा किया कि पोस्टल बैलेट और वोटों की गिनती के प्रबंधन में एक ‘आपराधिक साजिश’ रची गई थी।

विजेता भाजपा नेता जीवराज ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर विधायक का प्रमाण पत्र प्राप्त किया, और तीन साल की लगातार कानूनी लड़ाई के बाद मिली इस जीत को ‘सत्य की जीत’ बताया।

जीवराज ने 2023 के चुनाव के बाद वोटों की गिनती के दौरान गड़बड़ियों का आरोप लगाया था। उन्‍होंने कहा कि दोबारा गिनती के दौरान उन वोटों में एक बड़ी विसंगति पाई गई, जिन्हें पहले खारिज कर दिया गया था।