कोलकाता, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) का चल रहा आंदोलन देशविरोधी है और इसे देशविरोधी ताकतों का समर्थन हासिल है।
सीजेपी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा जा रहा है।
भट्टाचार्य ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में हर नागरिक को विरोध करने का अधिकार है। हालांकि, कुछ गैरजरूरी ताकतें इस आंदोलन का इस्तेमाल करके खुद को अहम दिखाने की कोशिश कर रही हैं। आज का विरोध हताशा की वजह से हो रहा है। सरकार की इस मामले पर नजर है। देश-विरोधी ताकतें नकाब पहनकर काम कर रही हैं। हमारे पास इस बारे में पक्की जानकारी भी है।
कांग्रेस और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट का सीधे नाम लिए बिना, उन्होंने कहा कि आधी-मरी हुई राजनीतिक ताकत ने आंदोलन के जरिए खुद को अहम बनाए रखने के लिए एक मरी हुई ताकत के साथ हाथ मिला लिया है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री राज्य में रहने के बजाय नई दिल्ली चली गई हैं। हम चाहते हैं कि वे त्योहार के इस समय में यहां रहें और अलग-अलग पूजा पंडालों में जाएं। हम उन्हें ऐसा करते हुए देखना चाहते हैं। तृणमूल कांग्रेस के सभी बड़े नेता कहां चले गए हैं?
इस बीच, ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि उन्हें नई दिल्ली में जंतर-मंतर पहुंचने से रोका गया और अन्य तृणमूल कांग्रेस नेताओं के साथ राष्ट्रीय राजधानी में उनके आवास पर ही रोक कर रखा गया।
उन्होंने सोशल मीडिया वीडियो संदेश में यह भी दावा किया कि जब उन्होंने साउथ एवेन्यू में धरना-प्रदर्शन शुरू किया, तो दिल्ली पुलिस के जवानों ने तृणमूल कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें जेल वैन में डाल दिया।
उन्होंने वीडियो संदेश में कहा कि मैं जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन में शामिल होना चाहती थी। लेकिन हमें इजाजत नहीं दी गई। फिर हमने अपने घर के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया। लेकिन, पुलिस ने हमें हिरासत में ले लिया और पुलिस वैन में धकेल दिया। भाजपा भारत में लोकतंत्र को खत्म करने की पूरी कोशिश कर रही है। लेकिन आखिरकार वे सफल नहीं होंगे।
